डॉ. सिंह ने आगे जोर दिया कि स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग की आवश्यकता है और यहां बागवानी उत्पादों के उचित विपणन और ब्रांडिंग के लिए सलाहकारों को काम पर रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में कृषि और बागवानी क्षेत्र उद्यमिता के लिए अग्रणी क्षेत्र होगा। इस अवसर पर बोलते हुए महानिदेशक बागवानी ने सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस के बारे में जानकारी दी और कहा कि इस केंद्र में सेब और अन्य फलों की नई किस्मों का प्रचार किया जा रहा है। कार्यक्त्रस्म के दौरान डॉ. सिंह ने प्रगतिशील किसानों से भी बातचीत की। मंत्री ने किसानों के बीच सब्सिडी चेक और प्रमाण पत्र भी वितरित किए।
गौरतलब है कि बाद में मंत्री ने भारतमाला परियोजना के तहत बन रहे पंथा चौक में ग्रेड सेपरेटर का भी दौरा किया और चल रहे कार्यों का निरीक्षण किया। भारत माला परियोजना को वर्तमान सरकार की प्रतिष्ठित परियोजना बताते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने कार्यकारी एजेंसी के अधिकारियों को कार्यों की प्रक्त्रिस्या में तेजी लाने और निर्धारित समय सीमा के भीतर परियोजना को पूरा करने का निर्देश दिया। इससे पहले दिन के दौरान डॉ. सिंह ने एनएमओ, एनएचएम जम्मू-कश्मीर और सेवा भारती एनजीओ द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित एक चिकित्सा शिविर का उद्घाटन किया।
उधर, उपराज्यपाल के सलाहकार, बसीर खान ने कहा कि तीन स्तरीय पीआरआई प्रणाली के निर्माण के साथ, वर्तमान सरकार ने जनता और प्रशासन के बीच एक इंटरफेस स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि योजना निर्माण, नीति निर्माण, कार्यों का निष्पादन और अन्य शक्तियां पंचायती राज संस्थाओं को हस्तांतरित कर दी गई हैं और उन्हें सशक्त बनाने के लिए और कदम उठाए जा रहे हैं। सलाहकार ने इस बात पर प्रकाश डाला कि जम्मू-कश्मीर में प्रत्येक पंचायत में 5 बिस्तरों वाला कोविड-19 केंद्र स्थापित करने की अनूठी पहल कोविड-19 के शमन में वर्तमान प्रशासन की उल्लेखनीय उपलब्धि रही है।