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Jammu Jhiri Mela: बाबा जित्तो की याद में 26 नवंबर से जम्मू में लगेगा झिड़ी मेला, तैयारियां जोरों पर

Mon, 20 Nov 2023 04:48 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

झिड़ी में आस्था और विश्वास के प्रतीक बाबा जित्तो का देवस्थान है। अपने हक के लिए बाबा जित्तो ने जान दी थी। उनकी याद में यह मेला आयोजित किया जाता है। जिसमें पंजाब, हरियाणा से बड़े स्तर पर लोग पहुंचते हैं।
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Jhiri Mela (File) - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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उत्तर भारत के सबसे बड़े मेलों में से एक झिड़ी मेला इस बार 26 नवंबर से पांच दिसंबर तक लगेगा। मेले को लेकर तैयारियां शुरू जोरों पर हैं। हाल ही में डीसी जम्मू सचिन कुमार वैश्य ने बाबा जित्तो तीर्थ स्थल का दौरा कर तैयारियों का जायजा लिया। डीसी ने मंदिर और आसपास क्षेत्र में स्वच्छता बनाने पर जोर दिया।

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अधिकारियों से पर्याप्त कर्मचारी और कूड़ेदान रखने के लिए कहा, ताकि लोगों को स्वच्छ वातावरण मिले। उन्होंने कहा कि मेले के रूप में क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत प्रदर्शित और पर्यटकों को आकर्षित करने का अवसर है। ऐसे में सुनिश्चित हो कि उन्हें यादगार अनुभव दिलाया जा सके।

अधिकारियों को गड्ढे भरने, पीने का पानी और शौचालय की सुविधा, भक्तों के लिए सुरक्षा और वाहन पार्किंग जैसी बुनियादी सुविधाओं को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। स्थानीय आयोजन समिति के सदस्यों से बातचीत कर हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
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बाबा जित्तो की याद में लगता है मेला

झिड़ी में आस्था और विश्वास के प्रतीक बाबा जित्तो का देवस्थान है। अपने हक के लिए बाबा जित्तो ने जान दी थी। उनकी याद में यह मेला आयोजित किया जाता है। जिसमें पंजाब, हरियाणा से बड़े स्तर पर लोग पहुंचते हैं। बाबा जित्तो एक किसान थे। जिन्होंने अपने हक के लिए जान दी थी। इसलिए किसान वर्ग उनको विशेष तौर पर मानता है और उनके मंदिर में आकर शीश झुकाता है। मेले में लाखों लोग पहुंचते हैं।

कहां लगता है मेला

जम्मू से बीस किलोमीटर दूर झिड़ी गांव में बाबा जित्तो के दर पर आज उत्तर भारत का सबसे बड़ा मेला लगता है। मंदिर को आकर्षक तरीके से सजाया जा रहा है। आठ दिवसीय इस मेले में हर रोज बड़ी संख्या में श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए पहुंचते हैं। बाबा जित्तो और मां बुआ दाती का आशीर्वाद प्राप्त करने वालों की भी लंबी लाइन देखने को मिलती हैं।

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