झज्जर कोटली में हुआ आतंकी हमला एक और नाकामी है। इसे सुरक्षा में बड़ी चूक ही कहा जाएगा। बाड़ी ब्राह्मणा से लोड हुआ यह ट्रक आतंकियों को लेकर 39 किलोमीटर दूर झज्जर कोटली तक पहुंच गया। रास्ते में कई पुलिस नाके आए। लेकिन कहीं पर यह पकड़ में नहीं आए।
यदि यह ट्रक बाईपास रोड से झज्जर कोटली गया, तब भी रास्ते में बड़ी ब्राह्मणा का बलोल पुलिस नाका, इसके बाद कुंजवानी पुलिस नाका, फिर सिद्धड़ा पुलिस नाका, सिद्धड़ा के आगे पुल का नाका, नगरोटा पुलिस नाका और यहां तक की बन टोल प्लाजा से भी यह ट्रक आगे से गुजरकर गया। आधा दर्जन पुलिस नाकों की नाक तले ये ट्रक निकल कर झज्जर कोटली पहुंच गया। सूत्रों का यह भी कहना है कि आतंकियों के भागने के करीब एक घंटे के बाद पुलिस की कार्रवाई शुरू हुई।
तब तक सेना और सीआरपीएफ के जवान भी मौके पर पहुंच गए। बार-बार यह बात सामने आई है कि नेशनल हाइवे पर हमेशा आतंकियों के हमला करने का खतरा है। बावजूद इसके आतंकी हाईवे से कठुआ से झज्जर कोटली तक पहुंच गए तो इसे सुरक्षा में एक बड़ी चूक ही कहा जाएगा। इससे पहले इसी साल सुंजवां में हुआ आतंकी हमला भी सुरक्षा में एक बड़ी चूक था। आतंकी इलाके में पूरी रात बिताने के बाद सैन्य कैंप में घुसे और हमला कर दिया।
इससे पहले जब उधमपुर के नरसो नाले के पास आतंकी हमला हुआ था। तब जिंदा पकड़े गए आतंकी नावेद ने बताया था कि वह कितनी देर तक हाइवे पर रुका रहा। ट्रक में बैठा रहा। तब भी वह बड़ी ब्राह्मणा से ही बैठा था। उधमपुर तक पहुंच गए थे।