झज्जर कोटली एनकाउंटर मामले में आतंकियों की घुसपैठ के तार जहां शुरू से ही अंतरराष्ट्रीय सीमा से जुड़ते नजर आ रहे थे। दूसरी तरफ मंगलवार को एनआईए की टीम ने भारत पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा का दौरा किया। दोपहर 12 बजे के लगभग एनआईए की टीम बेई दरिया, शेरपुर चौकी, सन्याल और उसके आगे एक कॉज वे तक पहुंची।
इसके बाद कुछ देर शेरपुर में रुकने के बाद टीम के सदस्य दियालाचक से होते हुए जम्मू की ओर लौट गए। 12 सितंबर को कश्मीर की ओर जा रहे एक ट्रक में छिपे आतंकियों के साथ पुलिस की मुठभेड़ शुरू हो गई थी, जिसके बाद कई घंटे के सर्च आपरेशन के बाद सुरक्षा बलों ने आतंकियों को ढेर कर दिया था।
खुफिया सूत्रों की मानें तो झज्जर कोटली में ढेर किए गए आतंकियों ने हीरानगर और सांबा सेक्टर की सीमा से घुसपैठ की थी। कठुआ और सांबा जिले की हद पर मौजूद बेई नाले से आतंकियों की घुसपैठ की आशंका जताई जा रही है। हालांकि आतंकियों को घुसपैठ के लिए इस रूट से दाखिल नहीं होना था और आतंकियों के गाइड ट्रक चालक और कंडक्टर दियालाचक में तरनाह के जरिये उनकी घुसपैठ का इंतजार कर रहे थे।
खुफिया सूत्रों की मानें तो आतंकियों को भारतीय सीमा के भीतर घुसपैठ के बाद जरांईं इलाके से तरनाह नाले की ओर होना था, लेकिन इससे पहले ही आतंकी बेई नाले की ओर बढ़ते चले गए। आतंकियों को घाटी तक पहुंचाने की जिम्मेदारी लिए आए ट्रक चालक और कंडक्टर भी इसीलिए उनका दियालाचक में इंतजार करते रहे। इस बीच जहां आतंकी कश्मीर में अपने आकाओं के संपर्क में थे तो वहीं ट्रक चालक और कंडक्टर को भी निर्देश मिल रहे थे।
सूत्रों के अनुसार 11 और 12 सितंबर की मध्यरात्रि भारत पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से घुसपैठ के बाद बेई पहुंचे आतंकियों ने कश्मीर में संपर्क कर अपनी पोजीशन और लोकेशन की जानकारी दी। दूसरी तरफ कश्मीर से ट्रक चालक और कंडक्टर को भी दियालाचक से सुबह चार बजे के लगभग बेई जाने के निर्देेश मिल गए। इसके बाद सांबा जिले की हद में पड़ने वाले रेई गांव के नजदीक पेट्रोल पंप से आतंकी ट्रक में सवार हो गए। हालांकि इस पर आधिकारिक रूप से कोई भी जानकारी सुरक्षा एजेंसियों की ओर से साझा नहीं की गई है। हिरासत में लिए गए ट्रक चालक और कंडक्टर को लेकर इससे पहले भी टीम बेई नाले और आसपास के इलाके तक एनकाउंटर के दौरान ही पहुंच चुकी थी।