लेह में भारी बर्फवारी में फंसे पर्यटकों को अबतक राहत नहीं मिल पाई है। सीमा सड़क संगठन का दल सड़कों से मंगलवार को शाम तक बर्फ हटाने के काम में जुटा रहा लेकिन रास्ते साफ नहीं हो पाए। जयपुर से लेह गए छह डाक्टरों के बारे में भी अबतक कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। इन डाक्टरों का चार दिनों से अपने परिवार वालों से संपर्क नहीं हुआ है।
लेह की एसएसपी सरगुन शुक्ला ने अमर उजाला को बताया कि लेह और मनाली मार्ग पर चार दिन बर्फ पड़ी है। इसे साफ करने में कम से कोम दो दिन लगेंगे। सीमा सड़क संगठन के लोग युद्धस्तर पर काम कर रहे हैं। शाम को यह आपरेशन रोक दिया गया है ताकि बीआरओ की टीम के सदस्यों को कोई नुकसान नहीं हो। उन्होंने कहा कि एक स्थान पर 50 से 60 और दूसरे स्थान पर 25 लोगों के फंसे होने की सूचना है।
फंसे पर्यटकों की कुल संख्या 150 के आसपास हो सकती है। जब राहत टीम उनतक पहुंचेगी तभी उनके बारे में विस्तृत जानकारी मिल सकेगी। चूंकि उस क्षेत्र में कनेक्टिविटी नहीं है इसलिए अभी फंसे लोगों के बारे में यह नहीं बताया जा सकता कि वे कौन लोग हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि बुधवार को दोपहर तक सड़क साफ करने का काम पूरा हो सकता है।
उन्होंने बताया कि फंसे लोग लेह, मनाली और केलांग के हिस्सों में हो सकते हैं। लापता डाक्टरों के बारे में बताया गया है कि वह छुट्टियां मनाने आए थे। इस दल में डॉ. प्रदीप चौधरी, डॉ. नीरज यादव, डॉ. क्षितिज भारद्वार, डॉ. साहिल तिवारी, डॉ.विश्च ओला और डॉ.अभिषेक भारती शामिल हैं। ये यात्रा से वापस लौट रहे थे। सूत्रों के मुताबिक 21 सितंबर को अंतिम बार जब इनकी परिजनों से बात हुई तो वह सरचू में थे। इसके बाद से कोई संपर्क नहीं हो पाया।