जम्मू विकास प्राधिकरण (जेडीए) की ढीली प्रक्रिया का फायदा उठाते हुए किरायेदार दुकानदारों ने करोड़ों रुपये का भुगतान नहीं किया है, जिसकी वजह से जेडीए ने दुकानदारों पर नकेल कसने के लिए आठ सौ दुकानदारों को नोटिस भेजे हैं, लेकिन ऐसा कई बार किया जा चुका है, अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा सका है।
जेडीए ने शहर के अलग-अलग हिस्सों में भवनों, कांप्लेक्स, हाल तथा दुकानें आदि बनाकर लोगों को कामधंधा चलाने के लिए किराये पर दे रखी है, लेकिन ढीली प्रक्रिया के चलते दुकानदारों ने जेडीए को लंबे समय से किराये का भुगतान नहीं किया है। बस स्टैंड, बीसी रोड, वेयर हाउस, जानीपुर, त्रिकुटानगर, रूप नगर, नेहरू मार्केट, ट्रांसपोर्ट नगर, बाहु प्लाज, रेलवे स्टेशन शिव मार्केट, अप्पू घर सहित 1700 दुकानें हैं। अधिकतर दुकानदारों का कई-कई माह का किराया बनता है।
जेडीए की ओर से बहुत ही सामान्य सा किराया लिया जाता है, बावजूद दुकानदारों की ओर से उसका भुगतान नहीं किया जा रहा है। भुगतान किए जाने वाला किराया अब करोड़ों रुपये में पहुंच गया है। बस स्टैंड में जेडीए की 262 के करीब दुकानें हैं, जिसे लोगों ने आगे हजारों रुपये प्रतिदिन के हिसाब से किराये पर चढ़ा रखा है।
जेडीए ने भी किराया वसूल करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं। हर बार की तरह नोटिस जारी किए जाते हैं। इस बार भी ऐसा ही किया गया है। नतीजतन ठोस कार्रवाई नहीं होने से मामला लटक कर रह जाता है।
सख्त कार्रवाई के लिए सूचियां बनाई जा रहीं: डीएलएम
डायरेक्टर लैंड मैनेजमेंट गुरविंद्र जीत सिंह के मुताबिक डिफाल्टरों की सूचियां बनाई जा रही हैं। फिलहाल 800 दुकानदारों को नोटिस दिए गए हैं। पैसे अदा नहीं करने वालों के साथ सख्ती से पेश आया जाएगा।