अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। वन स्टॉप सेंटर जम्मू ने बीते दिनों अपने घरवालों से बिछड़कर और भटककर जम्मू पहुंचीं दो महिलाओं को अपने यहां आश्रय देने के साथ ही घर पहुंचाने में मदद की है। वहीं, सेंटर की ओर से साल 2024-25 में कुल 400 से ज्यादा महिलाओं की मदद की गई।
इनमें से करीब 30 महिला ऐसी थीं, जिन्हें सेंटर ने आश्रय दिया। ताजा मामला यूपी और झारखंड की महिलाओं से जुड़ा है। वन स्टॉप सेंटर की केंद्र समन्वयक पल्लवी शर्मा ने बताया कि बीते सप्ताह पुलिस और प्रशासन ने दो निराश्रित महिलाओं को उनके पास तक पहुंचाया।
पहली महिला झारखंड के दुमका की रहने वाली थी, जो गलत ट्रेन पकड़कर जम्मू आ गई थी। यहां आकर महिला ने रेलवे पुलिस को अपने गलत जगह आने के बारे में बताया। रेलवे पुलिस ने महिला की सूचना सेंटर को दी। इसपर सेंटर ने महिला को अपने यहां चार दिनों तक आश्रय दिया।
इस दौरान सेंटर ने आधार कार्ड के जरिए महिला के घर वालों से संपर्क किया। बीते रविवार को महिला के घरवाले सकुशल उसे अपने साथ ले गए। इसी तरह थाना झज्जर कोटली पुलिस से सेंटर को एक युवती की सूचना मिली, जिसके पास रहने के लिए कोई ठिकाना नहीं है। सेंटर ने इस युवती को भी दो दिनों तक आश्रय दिया और उसके घरवालों की जांच शुरू कर दी।
जांच में पता चला युवती उत्तर प्रदेश के हाथरस की रहने वाली है। रविवार को ही युवती के माता-पिता भी उसे हाथरस ले गए।