जम्मू विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव के नतीजों को लेकर कोर्ट में सोमवार को सुनवाई है। सभी छात्रों, प्रत्याशियों और विश्वविद्यालय प्रशासन की निगाहें कोर्ट के फैसले पर टिकी हैं।
जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट की जम्मू विंग ने नतीजों को घोषित किए जाने पर रोक लगाई है। इसे देखते हुए छह अक्तूबर को वोटिंग के बाद काउंटिंग नहीं कराई गई थी।
इसके अलावा सचिव पद के लिए भी अलग से वोटिंग होनी है, जिसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन कोर्ट में होने वाली सुनवाई की तरफ टकटकी लगाए है। उसके आधार पर ही वह इसके लिए नोटिफिकेशन जारी करेगा।
बता दें कि जम्मू विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में लिंगदोह समिति की सिफारिशों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए बीते माह के आखिरी सप्ताह में यशोवर्धन सिंह और अन्य ने कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। इसके बाद कोर्ट ने चुनावी प्रक्रिया को यथावत रखते हुए चुनाव के नतीजे घोषित किए जाने पर रोक लगा दी थी।
विश्वविद्यालय के दो साल के कोर्स में दाखिला होना जरूरी किया जाने की वजह से यशोवर्धन चुनाव में नहीं उतर सके थे। जिसके बाद वह कोर्ट पहुंचे थे। उनका कहना था कि लिंगदोह समिति की सिफारिशों में ऐसा कोई उल्लेख नहीं। उसमें छात्र का दाखिला रेगुलर और कम-से-कम एक साल के कोर्स में होना जरूरी है। विश्वविद्यालय पर मनमानी के कई आरोप लगे हैं।