जम्मू विश्वविद्यालय के छात्र संघ चुनाव में सचिव पद पर वोटिंग न कराए जाने को लेकर भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) मुखर हो गया है। शनिवार दोपहर पत्रकारों से बातचीत में संगठन के प्रदेश अध्यक्ष नीरज कुंदन समेत दूसरे पदाधिकारियों ने डीएसडब्ल्यू पर जानबूझकर मनमाने तरीके से संगठन को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया। कहा कि सनी की उम्मीदवारी खारिज करने को लेकर ऐसे नियम बताए गए, जिनका उल्लेख लिंगदोह समिति की सिफारिशों में है ही नहीं।
संगठन ने 22 सितंबर को सनी परिहार के नाम जारी एक नोटिस का हवाला देते हुए कहा कि उन्हें चुनाव में उतरने से रोका गया। यही वजह है कि जब सनी कोहाईकोर्ट से हरी झंडी मिल गई तो इस पद पर काउंटिंग ही नहीं कराई गई। नोटिस में डीएसडब्ल्यू ने सनी को 19 सितंबर को 15-20 छात्रों को साथ लेकर फाउंटेन प्लाजा के पास प्रदर्शन करने और फिर यूनिवर्सिटी गेट पर जाकर विश्वविद्यालय प्रशासन और जम्मू-कश्मीर पुलिस के खिलाफ स्लोगन उठाने पर जवाब मांगा था।
इसके अगले ही दिन 20 सितंबर को भी छात्रों केसाथ जाकर दो घंटे के लिए विश्वविद्यालय एंट्री और एग्जिट गेट को बंद करने और विश्वविद्यालय के रूटीन को प्रभावित करने पर कारण सहित जवाब तलब किया था। साथ ही छात्र संघ चुनाव को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) का पक्षपात करने संबंधी आरोपाें पर भी दो दिन के भीतर स्पष्टीकरण देने अन्यथा अनुशासनात्मक कार्रवाई की बात कही गई थी।
एनएसयूआई कार्यकर्ताआें ने शनिवार को एक बार फिर पत्रकारों के समक्ष डीएसडब्ल्यू पर सनी को निशाना बनाने और एबीवीपी को लेकर पक्षपात का आरोप जड़ा। कहा कि संगठन इस मामले में चुप नहीं बैठेगा। उन्होंने विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आरडी शर्मा से इस मामले में जांच की बात दोहराई। कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ वृहद आंदोलन छेड़ा जाएगा। मौके पर संगठन के उपाध्यक्ष अमजद भट, निशांत आदि भी मौजूद रहे।