एटीडी 2022 को लागू करने की मांग को लेकर जनरल लाइन टीचर्स फोरम ने रविवार को जम्मू प्रेस क्लब के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने एटीडी से संबंधित विभाग और सरकारी आदेश के अनुपालन की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने कहा की उन्होंने एटीडी का खुलकर समर्थन किया है लेकिन अधिकारियों ने स्पष्ट नहीं किया है कि इसे लागू क्यों नहीं किया जा रहा।
उन्होंने कहा कि ऐसा पहली बार देखा जा रहा है कि अधिकारी अपनी पहल पर अमल करने से कतरा रहे हैं। उन्होंने बताया कि एलजी और सीएस ने खुद सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए थे कि पांच साल से अधिक समय तक एक हीं पोस्टिंग पर रहने वाले सभी कर्मचारियों को स्थानांतरित किया जाए।
जनरल लाइन टीचर्स फोरम के अध्यक्ष नीरज शर्मा ने कहा कि एटीडी 2019 और 2021 के तबादले को रद्द करने और एटीडी 2022 के अंतिम निष्पादन पर चुप्पी ने शिक्षकों का मजाक उड़ाया है। दूसरी ओर शिक्षकों के लगभग 1500 से 2000 पद रिक्त पड़े हैं। फिर भी, शिक्षकों के पदोन्नति से संबंधित डीपीसी को अज्ञात कारणों से विलंबित रखा गया है। न तबादला हो रहा है और न ही प्रमोशन। जम्मू प्रांत के सभी शिक्षक एक स्वर में एटीडी 2022 को सही मायने में तत्काल लागू करने की मांग करते हैं।
वहीं, जम्मू-कश्मीर यूनाइटेड स्कूल टीचर्स एसोसिएशन ने इसे लेकर प्रदर्शन किया। एसोसिएशन के कार्यकारी अध्यक्ष प्रदीप सिंह जामवाल ने कहा कि यह अत्यंत आवश्यक है कि सरकार एटीडी 2022 को लागू करे और ग्रेड 2 और ग्रेड 3 शिक्षकों विशेष रूप से विवाहित महिला शिक्षकों के स्थानांतरण पर जल्द से जल्द विचार करे। साथ हीं मास्टर्, हेडमास्टर, लेक्चरर और चतुर्थ श्रेणी के मौजूदा रिक्त पदों को भरा जाए।