रियासत में बेमौसम बारिश की मार से कोई नहीं बच पा रहा। नेशनल हाईवे अथारिटी आफ इंडिया पर भी मौसम की मार पड़ रही है। अथारिटी की ओर से नगरोटा के बन में बनाए गए टोल प्लाजा का राजस्व 60 फीसदी कम हो रहा है। इसका एक कारण टोल प्लाजा का सही तरह से अमल में आना भी नहीं है, लेकिन सबसे अधिक असर खराब मौसम से पड़ा है।
टोल प्लाजा के शुरू होने के बाद से ही हाईवे अधिकतर बंद रहा है। हालांकि श्री माता वैष्णो देवी आने वाले श्रद्धालुओं ने टोल प्लाजा को जरूर सहारा दिया। कटड़ा तक जाने के लिए मार्ग खुला रहता है, इसलिए वसूली में श्रद्धालु ही शामिल हैं। हाईवे अथारिटी के प्रोजेक्ट डायरेक्टर आरपी सिंह का कहना है कि प्रतिदिन टोल प्लाजा पर 9 लाख 14 हजार का लक्ष्य निर्धारित किया गया था।
21 मार्च से शुरू किए टोल प्लाजा पर मौसम की मार पड़ी है। हर दिन साढ़े तीन लाख औसत वसूली हो रही है। पिछले दो हफ्तों में करीब पांच दिन ही राजस्व 6 लाख प्रतिदिन पहुंचा। बाकी के दिन राजस्व साढ़े तीन लाख के आसपास ही रहा। पिछले दो हफ्तों में लगभग 50 लाख रुपये का राजस्व एकत्र हुआ है।
इस राजस्व में भी 40 लाख वैष्णो देवी आने वाले श्रद्धालुओं का शामिल है। टोल प्लाजा को अब तक कटड़ा का ही सहारा है। हालांकि हाईवे के पूरी तरह से खुलने पर राजस्व बढ़ सकता है।
छह दिनों से खराब है मौसम
खराब मौसम के चलते नेशनल हाईवे वीरवार को दोनों तरफ से बंद रखा गया था। रास्ता बंद होने के कारण बस स्टैंड में 400 से ज्यादा मुसाफिर फंसे हुए हैं। इनमें से अधिकतर ने अपना चूल्हा जलाकर खाना पकाया। खराब मौसम की वजह से भी मुसाफिरों को परेशानियों से गुजरना पड़ रहा है। गौरतलब है कि पिछले छह दिन से मौसम के खराब होने का सिलसिला जारी है।
रास्तों में पस्सियां गिरने की वजह से जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे बंद है। जिस कारण बस स्टैंड में मुसाफिरों को भी रोका गया है। मंगलवार और बुधवार मौसम थोड़ा साफ होने पर वाहनों को रवाना किया जाता रहा, लेकिन वीरवार को प्रशासन ने स्थिति ज्यादा चिंताजनक देखते हुए कोई वाहन रवाना नहीं किया है।
श्रीनगर, बारामुला, कुपवाड़ा, कुलगाम सहित अन्य जिलों में जाने वाले मुसाफिरों को बस स्टैंड में रुकना पड़ा है। इनकी संख्या अभी तक 400 से ज्यादा पहुंच गई है। इनमें बूढ़े, बच्चे, महिलाएं भी शामिल हैं। मजदूर तबके के लोगों ने बस स्टैंड में ही डेरा डाला है। यहां तक कि उन्होंने खाना भी प्लेटफार्म पर ही बनाया है।
बस स्टैंड पुलिस के मुताबिक उच्चाधिकारियों के आदेश के मुताबिक ही बसों को अड्डे से रवाना नहीं किया गया है।
यात्रियों से हो रही अधिक वसूली
मौसम की मार झेल रहे जम्मू और अन्य जगहों पर फंसे यात्रियों पर अधिक वसूली की मार पड़ रही है। होटलों, ढांबों पर तो अधिक वसूली हो ही रही है, साथ ही श्रीनगर तक पहुंचने के लिए भी अधिक वसूली हो रही है। जानकारी के अनुसार, पिछले एक-दो दिन से आंशिक रूप से खुले राजमार्ग में कुछ यात्री अपने गंतव्य तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।
इसके लिए वह निजी वाहनों को हायर कर रहे हैं, लेकिन चालक अधिक वसूली कर रहे हैं। खासकर श्रीनगर से आने वाले यात्रियों को रास्ते में वाहन लेने पर अधिक पैसे देने पड़ रहे हैं। पिछले 10 दिन से कश्मीर में फंसें बलविंदर सिंह ने बताया कि वह बुधवार को श्रीनगर से रेल के जरिए बनिहाल तक पहुंचे। यहां से उन्होंने जम्मू के लिए एक इनोवा में जगह ली।
लेकिन चालक ने उससे एक हजार रुपये वसूले। जबकि आम तौर पर 300 रुपए ही लगते हैं। बलविंदर सिंह का कहना है कि मजबूरी में इतने पैसे देने पड़े। उनके साथ कई अन्य यात्री भी थे। वहीं जम्मू बस स्टैंड पर फंसे हुए यात्रियों को शहर के होटलों-ढाबों पर खाना खाने के लिए अधिक दाम देने पड़ रहे हैं।
हालांकि जिला प्रशासन ने साफ तौर पर निर्देश जारी किए हैं कि कोई अधिक वसूली नहीं करेगा, बावजूद इसके ऐसा हो रहा है।