जम्मू शहर के चांद कौर गुरुद्वारे में खड़े वाहन
- फोटो : संजय कुमार
जम्मू-श्रीनगर हाईवे गुरुवार को चौथे दिन दोपहर बाद आंशिक रूप से बहाल हुआ। इससे पहले बुधवार को भी कुछ देर के लिए हाईवे को आंशिक रूप से बहाल किया गया था। भूस्खलन के बाद मार्ग को फिर बंद करना पड़ा। चार दिन से मार्ग बंद होने से कश्मीर घाटी के देश के दूसरे हिस्से से सड़क मार्ग से संपर्क कटा रहा। ऐसे में जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर अलग-अलग जगहों पर वाहनों को जमावड़ा लग रहा। जम्मू शहर से कश्मीर जाने वाले लोग मार्ग के बहाल होने का इंतजार करते दिखे। अब मार्ग के बहाल होने से लोगों में अपने गंतव्य तक पहुंचने की उम्मीद जगी है।
उधर, गुरुवार सुबह रामबन के सीरी इलाके में भूस्खलन की चपेट में आने से एक श्रमिक की मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर भूस्खलन में एक निर्माण कंपनी के एक कर्मचारी की मौत हो गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि निर्माण श्रमिक की पहचान उत्तर प्रदेश निवासी देशपाल (31) के रूप में हुई है। श्रमिक सुबह करीब 8.30 बजे रामबन जिले में सीरी के पास अपने कंपनी मुख्यालय के बाहर भूस्खलन की चपेट में आ गया।
उन्होंने बताया कि मृतक नाश्ते के लिए कंपनी के मेस की ओर जा रहा था तभी यह हादसा हुआ। श्रमिक के शव को बरामद कर लिया गया और पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल ले जाया गया।
यातायात विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि 270 किलोमीटर लंबा राजमार्ग, जो कश्मीर को देश के बाकी हिस्सों से हर मौसम में जोड़ने वाला एकमात्र मार्ग है, बनिहाल के पास किश्तवारी पथेर में ताजा भूस्खलन के बाद बंद हो गया। इसे एक तरफ से बहाल कर दिया गया है। लोगों को ट्रैफिक नियमों का पालन करने के लिए कहा गया है।
रामबन और बनिहाल के बीच एक दर्जन से अधिक स्थानों पर भारी बारिश के कारण हुए कई भूस्खलन के बाद सोमवार को रणनीतिक राजमार्ग पर यातायात निलंबित कर दिया गया था। अधिकारियों ने कहा कि बुधवार को राजमार्ग को आंशिक रूप से एकतरफा यातायात के लिए साफ कर दिया गया, लेकिन किश्तवारी पाथेर में ताजा भूस्खलन से सड़क फिर से अवरुद्ध हो गया। अब गुरुवार को दोपहर मार्ग फिर आंशिक रूप से बहाल कर दिया गया है।