मौसम का बदला मिजाज रियासत में आफत लेकर आया है। रामबन-बनिहाल के बीच भूस्खलन से जम्मू-श्रीनगर हाईवे बंद हो गया है। घाटी और श्रीनगर-लेह हाईवे को जोड़ने वाले वैकल्पिक मार्ग मुगल रोड पर भी बर्फबारी से यातायात ठप हो गया है।
जम्मू और कश्मीर संभाग के उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में सफेद चादर बिछ गई है। विश्व विख्यात स्कीइंग पर्यटक स्थल गुलमर्ग में बर्फबारी से तापमान गिर गया है। जन्नत कही जाने वाली कश्मीर घाटी शीत लहर की चपेट में है। खराब मौसम के चलते कटड़ा-सांझीछत (वैष्णो देवी) चापर सेवा भी प्रभावित हुई।
खराब मौसम से पहाड़ी इलाकों में बिजली ढांचे को भी खासा नुकसान पहुंचा है। देर रात तक अधिकांश इलाकों में रुक-रुक कर बारिश जारी थी। मौसम विभाग के अनुसार छह नवंबर तक मौसम ऐसे ही रंग में रहेगा। अगले चौबीस घंटों में राज्य के अधिकांश मैदानी इलाकों में बारिश के साथ पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी होगी।
छह नवंबर तक बिगड़ा रहेगा मौसम
कश्मीर के शोपियां के उच्च पर्वतीय क्षेत्रों के अलावा सोनामर्ग, अमरनाथ गुफा, साधना टाप, राजदान पास में ताजा बर्फबारी हुई। राजोरी जिले के पीर पंजाल रेंज के बुद्धल, थन्नामंडी, दरहाल, कोटरकां, मंजाकोट आदि तहसीलों के पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी हुई है। मुगल रोड पर दो फुट बर्फ गिरी है।
रामबन ट्रैफिक कंट्रोल के अनुसार भूस्खलन से बुधवार शाम पांच बजे से जम्मू-श्रीनगर हाईवे को बंद करना पड़ा। इससे पूर्व भी पहाड़ों से पत्थर गिरने पर एक घंटे हाईवे बंद रखा गया था। रामबन-बनिहाल के भूस्खलन प्रभावित इलाकों में शाम से भारी बारिश हो रही है।
उधमपुर जिले के स्योजधार के अलावा लाटी के साथ लगते पहाड़ कोंड, तपेड़, बसंतगढ़ में हिमपात हुआ है। पर्यटन स्थल पत्नीटॉप, नत्थाटॉप, जुगधार में बारिश से पारा गिर गया है। कठुआ जिले की बनी तहसील के छत्तरगलां, सरथल, नुकनाली आदि पर्वतीय इलाकों की चोटियां सफेद चादर से ढक गईं।