जेकेसीए की ओर से हॉस्टल ग्राउंड में कोचों के लिए दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। टाइटन कप 1996 में सचिन तेंदुलकर के साथ भारत के लिए बल्लेबाजी की शुरुआत करने वाले बीसीसीआई-सीओई के शिक्षा प्रमुख और पूर्व भारतीय क्रिकेटर सुजीत सोमसुंदर ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के क्रिकेटरों में अपार प्रतिभा है। वह देश के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को हरा सकते हैं।
पिछले कुछ घेरलू सत्रों में जम्मू-कश्मीर की सीनियर पुरुष और महिला टीमों का प्रदर्शन इस बात का प्रमाण है। उन्होंने यह बातें जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन (जेकेसीए) की ओर से कोचों के लिए आयोजित एक कार्यशाला में कहीं। बीसीसीआई के उत्कृष्टता केंद्र (सीओई) के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला का बुधवार को आगाज हुआ।
जेकेसीए हॉस्टल ग्राउंड में आयोजित इस कार्यशाला लेवल-ए और लेवल-2 क्वालिफाइड 24 कोच भाग ले रहे हैं। इनमें लतिका सांगवान, पुनित बिष्ट, सरबजीत सिंह, रूपाली सलाथिया जैसे प्रतिष्ठित कोच हैं। कार्यशाला का उद्देश्य कोचों के कौशल को बढ़ाना है, ताकि वह युवा क्रिकेटरों को बेहतर तैयार कर सके।
इस दौरान सुजीत सोमसुंदर ने कहा कि कोचों को खिलाड़ियों में से असफलता के डर को दूर करना होगा। हम इसी पर काम करने के लिए यहां हैं। कौशल विकास के साथ-साथ मानसिक दृढ़ता को विकसित करने पर ध्यान केंद्रित करना ही सफलता का मंत्र है। उन्होंने कहा कि असफलता से सीखना और परिणाम के बजाय प्रयास पर ध्यान केंद्रित करना होगा।
जेकेसीए उप-समिति के सदस्य ब्रिगेडियर अनिल गुप्ता ने कहा कि प्रशिक्षक, मार्गदर्शक और प्रेरक की भूमिका निभाते हैं। इस शिविर में स्वयं के तरीकों को चुनौती देना होगा। एक-दूसरे और विशेषज्ञ संकाय से सीखें। इस मौके पर अमित असावा, बल्लेबाजी संकाय, संजय मुल्लासेरी, गेंदबाजी संकाय और अपूर्व देसाई, मास्टर संकाय व अन्य मौजूद रहे।