जम्मू के आरएस पुरा के एक गांव में बेटी की शादी में मदद के बदले सरपंच के घर जीवन भर बंधुआ मजदूरी की पेशकश करने वाली महिला की मदद के लिए लोग उमड़े पड़े। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने पर देश-विदेश से लोग इस परिवार की मदद को आगे आए। बुधवार को महिला के बैंक खाते में तीन लाख रुपये और एक लाख नकद मदद पहुंच गई। घर पर शादी के लिए राशन देने वालों का भी तांता लग गया।
बुधवार को समाचार पत्र के प्रतिनिधि जब परिवार से मिले, तो उनकी आंखों में खुशी के आंसू थे। उधर, सरपंच शाम लाल भगत ने बताया कि गांव के युवाओं ने भी इस खबर को सोशल मीडिया पर वायरल किया और बुधवार तक तीन लाख की राशि बैंक खाते में आई है। एक लाख रुपये लोगों ने नकद घर पर आकर दिए। कुछ सामाजिक संगठनों के सदस्य भी मदद के लिए आए। उन्होंने परिवार को राशन आदि दिया है।
सरपंच ने कहा कि अब मकान का निर्माण करने के साथ बेटी की शादी धूमधाम से कराने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि इसके लिए पांच सदस्यों की एक कमेटी का गठन किया गया है। उन्होंने परिवार का सहयोग करने के लिए राशि मुहैया करवाने वाले लोगों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि मानवता आज भी जिंदा है। मुश्किल में किसी की सहायता करना बहुत बड़ा पुण्य है।
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वहीं, बेटी की मां ने कहा कि जिस प्रकार लोग सहायता कर रहे हैं, इस बारे में कभी सोचा भी नहीं था। मां और बेटी को सरपंच के सहयोग से पास के पड़ोसी के घर पर रखा गया है, जहां दोनों बहुत खुश हैं। गांव के चमन लाल, राकेश कुमार ने कहा कि जरूरतमंद लोगों के भी सपने पूरे होने चाहिए। ग्रामीणों ने मामले में पंचायत के सरपंच की भूमिका को भी सराहा।