जनहित याचिका में न्यायमूर्ति ताशी रबस्टन और न्यायमूर्ति मोक्षा खजूरिया काजमी ने सुनवाई की अगली तिथि तक या उससे पहले नवीनतम स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
जम्मू के आरएसपुरा के घराना वैटलैंड के संरक्षण के संबंध में बहुप्रचारित जनहित याचिका में न्यायमूर्ति ताशी रबस्टन और न्यायमूर्ति मोक्षा खजूरिया काजमी ने सुनवाई की अगली तिथि तक या उससे पहले नवीनतम स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
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जनहित याचिका में खंडपीठ ने पाया कि प्रतिवादी संख्या 3 और 4 द्वारा दायर दो अप्रैल 2016 की स्थिति रिपोर्ट में यह उल्लेख किया गया है कि वन विभाग में सरकार ने 1981 के आदेश में जम्मू और कश्मीर वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम के प्रावधान के तहत कैबिनेट के निर्णय के अनुसरण में जम्मू प्रांत के पांच वैटलैंड परगवाल, घराना, संगराल, कुकरियां और नंगा को अधिसूचित करने की स्वीकृति प्रदान की है।
डीबी ने स्थिति रिपोर्ट में उल्लिखित उपरोक्त तथ्य पर ध्यान देने के बाद 15 फरवरी 2022 के आदेश के माध्यम से प्रतिवादियों को निर्देश दिया कि वे उक्त क्षेत्र को वन्यजीव संरक्षण विभाग को सौंपने के संबंध में वास्तविक स्थिति से न्यायालय को अवगत कराएं। इस पर कोर्ट ने सुनवाई की अगली तारीख तक या उससे पहले नवीनतम स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया।