नियंत्रण रेखा पर आईएसआई के दबाव में सीमा पार से आतंकी घटनाएं बढ़ गई हैं। विस्तार ले रही रेल सहित अन्य परियोजनाओं से बौखलाया पाकिस्तान शांति भंग करना चाहता है। बीते मंगलवार को अखनूर में आईईडी विस्फोट में भी पाकिस्तान का हाथ था।
पाकिस्तान आईएसआई के दबाव में आतंकवाद फैलाकर और गोलीबारी से लंबे समय बाद सीमाओं पर पाक पर बड़ी कार्रवाई शांति भंग करेंगे भारत और करना चाहता है।
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उपजिला मेंढर के बालाकोट सेक्टर में पाकिस्तानी सेना ने भारतीय सेना पर गोलीबारी की। सूत्रों के अनुसार, कुछ दिनों से नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तान लगातार संघर्ष विराम का उल्लंघन कर रहा है। इससे एलओसी के आसपास के इलाकों में दहशत है।
रक्षा विशेषज्ञ कहते हैं कि जम्मू-कश्मीर में विस्तार ले रही रेल सहित अन्य परियोजनाओं से पाकिस्तान बौखला गया है। ब्रिगेडियर राजिंदर जमवाल का कहना है कि पाकिस्तान पर अमेरिका व भारत मिलकर बड़ी कार्रवाई करने वाले हैं। इसके परिणाम जल्द ही सामने होंगे। पाकिस्तानी सेना पिछले कुछ दिनों से लगातार नियंत्रण रेखा पर गोलीबारी जैसी हरकतें कर रही है।
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इससे पहले भी राजोरी, अखनूर व कृष्णा घाटी में गोलीबारी और आईईडी ब्लास्ट की घटनाएं हुई हैं। मंगलवार को अखनूर में आईईडी विस्फोट में भी पाक का हाथ है। पूर्व ब्रिगेडियर विजय सागर का कहना है कि कुछ समय पहले डोडा, किश्तवाड़, कठुआ जिले में आतंकी लगातार दिख रहे थे। बड़ी वारदातों को अंजाम दे रहे थे। इनको सुरक्षाबलों ने जंगलों में ही घेर रखा है।
पाकिस्तान की नापाक हरकत से संघर्ष विराम टूटने के कगार पर
नियंत्रण रेखा पर भारतीय सेना ने हाल ही में दो बैट (बॉर्डर एक्शन टीम) हमलों को नाकाम किया है। इनमें नौ से 10 पाकिस्तानी घुसपैठिए मारे गए हैं। 30 जनवरी को पुंछ के गुलपुर करमाडा सेक्टर में सेना ने दो से तीन घुसपैठियों को मार गिराया। इसके बाद कृष्णा घाटी सेक्टर में भी बैट हमला विफल किया। इसमें सात घुसपैठिए मारे जाने की सुरक्षा एजेंसियों ने पुष्टि की है। मारे गए घुसपैठियों में तीन पाकिस्तानी एसएसजी कमांडो शामिल थे। भारत व पाकिस्तान के बीच पिछले चार वर्षों से संघर्ष विराम है, लेकिन पाकिस्तानी सेना की इन हरकतों से यह समझौता टूटता नजर आ रहा है।
आईबी और एलओसी के गैप कम करने होंगे
रिटायर कर्नल सुशील पठानिया का कहना है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई समय-समय पर रणनीति बदलती है। कुछ समय पहले वे लगातार हमला कर रहे थे। जम्मू के तमाम जिले इससे ग्रस्त रहे। इसे रोकने का एक ही तरीका है कि आईबी व एलओसी के गैप कम किए जाएं। न ही आतंकियों को इस पार आने दिया जाए और न इस पार से उस तरफ जाने दिया जाए। दूसरा पुलिस को अपने स्त्रोत मजबूत करने होंगे। तभी आतंकी गतिविधियां कम की जा सकती हैं।
अखनूर में बलिदानी अफसरों को दी श्रद्धांजलि
अखनूर में एलओसी पर आईईडी विस्फोट में बलिदान हुए सैन्य अफसरों को जम्मू में सेना ने श्रद्धांजलि दी। जम्मू स्थित व्हाइट नाइट कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल नवीन सचदेवा ने बुधवार को जम्मू एयरपोर्ट पर झारखंड (रांची) के कैप्टन करमजीत सिंह बख्शी और सांबा के नायक मुकेश सिंह मन्हास को श्रद्धांजलि दी। कहा कि वीर जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। दोनों के पार्थिव शरीर उनके गृहनगर भेजे गए। मौके पर मंडलायुक्त रमेश कुमार, एडीजीपी आनंद जैन, आईजी भीम सेन टूटी सहित वायुसेना, पुलिस व सिविल अधिकारी भी मौजूद रहे।