जन्नत, धरती का स्वर्ग, मिनी स्विट्जरलैंड जैसे उपनामों से जाना जाने वाला कश्मीर देश-विदेश के पर्यटकों को खूब भा रहा है। हर तिथि के साथ यहां अतिथि बढ़े हैं। इस वर्ष पर्यटन इतिहास में रिकॉर्ड 2.20 करोड़ सैलानियों ने कश्मीर के पर्यटन स्थलों का भ्रमण किया। नए कश्मीर के इस कीर्तिमान में बुनियादी ढांचे में सुधार, सुरक्षा, शांति बहाली और पर्यटकों को आकर्षित करने के प्रयास कारागार साबित हुए।
अनुच्छेद 370 हटने के बाद एक वर्ष तक पर्यटकों की संख्या जरूर थम सी गई थी, लेकिन चार वर्ष से संख्या में निरंतर बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2020 में जम्मू-कश्मीर में 1650 विदेशी समेत कुल 34 लाख पर्यटक पहुंचे। चार वर्ष पहले विदेशी पर्यटकों की संख्या दो हजार से भी नीचे पहुंच गई थी जो अब 64 हजार के पार हो गई है। पर्यटन विभाग की आयुक्त सचिव यशा मुदग्ल का कहना है कि विभाग ने पर्यटकों को बेहतर माहौल दिया है जिससे उनकी कश्मीर की तरफ रुचि बढ़ी है।
लाल चौक की रौनक, शिकारे की चाहत खींच रही
कश्मीर का श्रीनगर पर्यटन का केंद्र बिंदु बना हुआ है। लखनऊ के रहने वाले अभिनव श्रीवास्तव का कहना है कि शाम ढलते ही लाल चौक में रौनक शुरू हो जाती है जो रात 12 बजे तक रहती है। डल झील में शिकारे की सवारी अलग ही सुकून देती है। निशात, शालीमार बाग और चश्मे शाही के मुगल गार्डन का पुराना गौरव लौटा है। दिल्ली की मीनू शर्मा ने बताया कि शंकराचार्य मंदिर और डल का दृश्य अलग ही आनंद देता है।
हवाई और सड़क संपर्क में सुधार
नई सड़कों के निर्माण, श्रीनगर-लेह राजमार्ग सहित मौजूदा राजमार्गों में सुधार से पर्यटकों के लिए यात्रा आसान हो गई है। श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की क्षमता का विस्तार हुआ है। इससे अधिक उड़ानें संभव हो पाई हैं। दिल्ली, मुंबई और बंग्लुरु जैसे प्रमुख शहरों से सीधी उड़ानों ने यात्रा को सुविधाजनक बना दिया है।
वर्ष घरेलू पर्यटक विदेशी सैलानी
- 2024 2. 20 (करोड़, नवंबर तक) 64,418
- 2023 2.11 (करोड़) 55,337
- 2022 1.88 (करोड़) 19,885
- 2021 1.13 (करोड़) 1650
- 2020 34.76(लाख) 5319