जम्मू-कश्मीर का गांदरबल और जेड मोड़ सुरंग इस वक्त देश-दुनिया में सुर्खियों में है। एक दुखद घटना, आतंकी हमला, सात लोगों की मौत से जम्मू-कश्मीर ही नहीं, पूरा देश सकते में है। इन सबके बीच जेड मोड़ सुरंग क्या है, इसे लेकर लोगों की जिज्ञासा बढ़ी है। इसे जानना हम सभी के लिए जरूरी भी है।
दरअसल प्रदेश के विकास व सामरिक दृष्टि से इसका विशेष महत्व है। आखिर वो क्या वजह हो सकती है कि आतंकियों ने इस टनल एरिया को ही टारगेट किलिंग के लिए चुना है। विशेषज्ञों का कहना है कि जल्द ही जोजिला टनल का काम भी शुरू होना है, यह हमला एक डर पैदा करने की असफल कोशिश है।
प्रोजेक्ट पूरा होने से बिना किसी बाधा के हर तरफ आ-जा सकेगी हमारी सेना
कारगिल युद्ध को जरा याद करें। दोबारा ऐसी हिमाकत कोई नहीं कर सकता। जेड मोड़ टनल हमारी सुरक्षा को पाकिस्तान और चीन दोनों की ओर से जबरदस्त तरीके से पुख्ता कर रही है। वायु सेना तो है ही, पर बर्फबारी जैसी बाधाओं के वक्त हमारी सेना बिना किसी बाधा के हर तरफ आ जा सकती है, इस टनल प्रोजेक्ट के पूरा होने से।
-रिटायर्ड ब्रिगेडियर विजय सागर धीमान
सामरिक महत्व का प्रोजेक्ट है, इसी कारण इसे प्रभावित करने की कोशिश की
भले ही चीन और भारत के बीच लद्दाख को लेकर सहमति बन गई है, फिर भी अपनी सुरक्षा तो हमें सुनिश्चित करनी होगी। जेड मोड टनल और प्रस्तावित जोजिला टनल इसमें अहम योगदान देने वाली सिद्ध होगी। यह हमला सिर्फ डराने की एक कोशिश है, ताकि जोजिला टनल के काम प्रभावित हो।
-कैप्टन अनिल गौड़ (रिटायर्ड), राजनीतिक व सुरक्षा विशेषज्ञ