जम्मू। मंदिरों के शहर में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पीरखो-महामाया रोप-वे सेक्शन-1 के शुल्क पर एक सितंबर तक 50 फीसदी छूट दी गई है। इसमें प्रति सवारी से 300 के बजाय 150 रुपये शुल्क लिया जा रहा है। इस रोप-वे के जरिये शहर के तीन प्रमुख मंदिर पीरखो, महामाया और बावे वाली माता मंदिर आपस में जुड़ गए हैं। इसमें कई यात्री पीरखो के दर्शन के साथ महामाया और बावे वाली माता के दरबार में भी माथा टेकने का सौभाग्य प्राप्त कर रहे हैं।
पीरखो-महामाया रोप-वे को जुलाई, 2021 में जनता को समर्पित किया गया। इस रोप-वे के लिए प्रति सवारी 300 रुपये शुल्क निर्धारित है, लेकिन शुरुआत में लोगों के लिए 50 फीसदी शुल्क में छूट दी गई थी, जिसे एक सितंबर तक बढ़ा दिया गया है। पीरखो-महामाया रोप-वे पर रविवार को 150 और दैनिक आधार पर 50-60 लोग पहुंच रहे हैं। पर्यटकों के साथ शहरवासियों का भी रुझान बढ़ा है। रोप-वे प्रबंधन को उम्मीद है कि मौसम में थोड़ा बदलाव आने पर यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी होगी। जम्मू-कश्मीर में ऐसे किसी रोप-वे का तीन दशक बाद निर्माण किया गया है।
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कोविड के बीच छह के बजाय
तीन सवारियां बिठाई जा रहीं
पीरखो-महामाय रोप-वे की लंबाई 1184 मीटर है और यह सात टावरों पर स्थापित है। विदेशी उपकरणों से लैस इस रोप-वे में 16 कैबिन स्थापित हैं, जिसमें प्रत्येक में छह लोगों को बिठाने की क्षमता है। लेकिन कोविड महामारी के कारण केबिन में 3 से 4 सवारियां ही बिठाई जा रही हैं। रोप-वे के इंचार्ज राकेश भट्ट ने बताया कि रोप-वे के लिए लोगों का रुझान बढ़ रहा है। पीरखो-महामाया रोप-वे में लोगों के लिए 50 फीसदी शुल्क कटौती को सितंबर के शुरू तक बढ़ा दिया गया है।