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Jammu News: सफाई शुल्क जमा न हुआ तो रुकेगा सुपरवाइजर, निगरान का वेतन

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मार्च से होगी कार्रवाई, निर्धारित लक्ष्य के हिसाब से शुल्क जमा न होने पर नगर निगम ने जारी किया आदेश
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- 24 करोड़ रुपये से ज्यादा हर साल सफाई पर हो रहा खर्च
- 18 करोड़ के आसपास सालाना जमा होना चाहिए शुल्क
- 12 करोड़ के आसपास ही शुल्क जमा होने से हो रहा नगर निगम को घाटा
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। शहर में लोगों से सफाई शुल्क वसूलने के लिए निगर निगम की ओर से सुपरवाइजर और निगरान तैनात किए हैं। लेकिन, मौजूदा समय में तय लक्ष्य के अनुसार शुल्क जमा नहीं हो पा रहा है। इसका नगर निगम ने कड़ा संज्ञान लिया है। अब सफाई शुल्क जमा नहीं होने पर सुपरवाइजर और निगरान का वेतन रोक दिया जाएगा।
यह आदेश नगर निगम की ओर से जारी किया गया है, जिसके तहत मार्च से कार्रवाई होगी। हर माह शुल्क जमा करना अनिवार्य होगा। निगम के अनुसार शुल्क सालाना 18 करोड़ के आसपास जमा होना चाहिए, लेकिन करीब 12 करोड़ शुल्क ही जमा हो पा रहा है। जबकि, सालाना 24 करोड़ से ज्यादा खर्च सफाई पर हो रहा है।
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निगम ने शुल्क वसूल करने की जिम्मेदारी सुपरवाइजरों को दी है। सुपरवाइजर निगरान के माध्यम से घरों और दुकानों से शुल्क जमा करते हैं। सुपरवाइजरों को स्वास्थ्य अधिकारी के पास रिपोर्ट करनी होगी। रिपोर्ट के हिसाब से ही कार्रवाई की जाएगी।
कुछ वार्डों में ऑटो सुविधा नगर निगम की ओर से दी गई है, लेकिन शुल्क जमा नहीं हो रहा है। हालांकि, लोग ऑटो में कचरा डाल रहे हैं। इससे घर-घर से कचरा संग्रहण सुविधा सफल नहीं हो पा रही है।


रोजाना एकत्रित होता है 400 मीट्रिक टन कचरा
नगर निगम की ओर से रोजाना शहर से 400 मीट्रिक टन कचरा एकत्रित करता है। इसमें 250 मीट्रिक टन कचरा सूखा और 150 मीट्रिक टन कचरा गीला होता है। ऑटो के माध्यम से कचरा एकत्रित किया जाता है।


शुल्क वसूली में देरी पर हो सकते हैं इधर से उधर
शुल्क वसूली में देरी या फिर जमा न होने पर कर्मचारियों को इधर से उधर भी किया जा सकता है। मौजूदा समय में उन्हें घरों के नजदीक काम करने की सुविधा दी गई है।


यह है व्यवस्था
हर वार्ड में सफाई कर्मचारियों में से एक को निगरान बनाया गया है। निगरान के ऊपर सुपरवाइजर काम कर रहे हैं। शहर में सफाई की जिम्मेदारी सफाई कर्मचारियों की है। इसके अलावा शुल्क वसूली सहित अन्य काम भी साथ में देखने पड़ रहे हैं।
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शुल्क वसूली समय पर होनी चाहिए। इसके लिए अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। दूसरी जगह तबादला या फिर वेतन रोका जा सकता है। इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
- डाॅ. विनोद शर्मा, स्वास्थ्य अधिकारी, नगर निगम
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