नगर निगम के पूर्व अधिकारियों और कर्मचारियों ने लंबे समय से आवासों पर कब्जा किया है। इससे नए कर्मचारियों को घर नहीं मिल पा रहा है। इसको देखते हुए निगम अधिकारियों ने पूर्व अफसरों और कर्मियों को नोटिस जारी किया है।
नियमों को ताक पर रखकर रसूखदारों और चहेतों को दिए गए नगर निगम के फ्लैट खाली करने के आदेश जारी हो गए हैं। जम्मू नगर निगम ने 15 पूर्व अफसरों और 160 कर्मचारियों को एक माह में फ्लैट खाली करने को कहा है। चेतावनी भी दी है कि यदि 30 दिन के भीतर फ्लैट खाली नहीं किए गए तो नगर निगम बल प्रयोग से कब्जा छुड़ाएगा। नगर निगम ने हाल ही में आवास नीति की अधिसूचना जारी की थी। इस आवास नीति को लागू करने की कवायद तेज हो गई है।
विज्ञापन
नगर निगम के अनुसार गांधी नगर में पूर्व अधिकारियों ने लंबे समय से फ्लैटों पर कब्जा किया है। यह मामला हाईकोर्ट में पहुंचा था। नगर निगम ने पड़ताल में पाया कि 15 पूर्व अधिकारियों और 160 कर्मचारियों ने अनधिकृत रूप से फ्लैट पर कब्जा कर रखा है। अब नगर निगम तमाम आवास खाली करवाएगा। इसके बाद पात्र लोगों को ही आवास सुविधा मिलेगी।
कौड़ियों के भाव लिए फ्लैट
शहर के पॉश इलाके गांधीनगर में तत्कालीन नगर निगम प्रशासन ने पशु बाड़े की जगह फ्लैट बनाए और अपने ही अधिकारियाें को कौड़ियों के भाव अलॉट कर दिए। हाईकोर्ट में जब यह मामला उठा तो बताया गया कि नगर निगम के पास कोई आवास नीति ही नहीं है। इसे लेकर आवास नीति बनाने के आदेश दिए गए थे। नगर निगम ने आवास नीति की अधिसूचना जारी की। इस नीति में बड़ी संख्या में आवास अनधिकृत कब्जे में पाए गए हैं।
विज्ञापन
जिन पास नियमों को ताक पर रखकर सरकारी आवास हैं, उन्हें आवास खाली करने होंगे। संबंधित लोगाें को नोटिस जारी किया गया है। तीस दिनों का समय दिया गया है। आवास खाली न होने पर पुलिस बल से आवास खाली करवाए जाएंगे। इसमें कई पूर्व अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं।