जम्मू-कश्मीर के विधानसभा क्षेत्रों में किए गए बदलावों पर परिसीमन आयोग को प्रदेश से 500 से ज्यादा आपत्तियां व सुझाव भेजे गए हैं। सोमवार को आपत्तियां व सुझाव दर्ज करवाने का अंतिम दिन है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, अधिकतर आपत्तियां और सुझाव कश्मीर संभाग से भेजे जा रहे हैं।
आयोग इन आपत्तियों और सुझावों पर गौर करने के बाद 28 और 29 मार्च को प्रदेश का दौरा करेगा और जन प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात कर आपत्तियों पर अंतिम फैसला लेगा। आयोग की अध्यक्ष जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई (सेवानिवृत्त) और मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्र की अगुवाई में आयोग के प्रदेश दौरे को लेकर चुनाव विभाग और प्रशासन तैयारियों में जुट गया है।
मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्र साफ कर चुके हैं कि छह मई से पहले आयोग अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंप देगा। रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद प्रदेश में चुनाव विभाग की तरफ से मतदाता सूचियों के संशोधन का काम शुरू किया जाएगा। परिसीमन आयोग की मसौदा रिपोर्ट में जम्मू संभाग में छह और कश्मीर संभाग में एक विधानसभा सीट बढ़ाई गई है। मसौदा रिपोर्ट में हालांकि अब कुछ ज्यादा बदलाव के आसार कम ही हैं।
नवंबर में हो सकते हैं विधानसभा चुनाव
जम्मू-कश्मीर में नवंबर और दिसंबर महीने में विधानसभा चुनाव हो सकते हैं। इसी एजेंडे पर भाजपा के अलावा अन्य पार्टियों ने जनता के बीच जाना भी शुरू कर दिया है। परिसीमन आयोग की ओर से अंतिम रिपोर्ट सौंपे जाने के छह से आठ महीने के भीतर विधानसभा चुनाव करवाने का आश्वासन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह भी दे चुके हैं।