छोटे दुकानदारों ने थोक बाजार से खरीदना बंद किया मखाना, मांग के अनुसार ही कर रहे कारोबार
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। मखाने का भाव इन दिनों व्यापारियों को रुला ला रहा है। चार माह में मखाने का भाव 800 से 1600 रुपये प्रति किलो पहुंच गया है। इससे दुकानदार परेशान हैं और कम ही माल थोक बाजार से उठा रहे हैं। उन्होंने बताया कि मेवों का भाव पहले की तरह स्थिर हैं।
जम्मू के श्री रघुनाथ बाजार में बड़ी संख्या में ड्राई फ्रूट्स की दुकानें हैं, जहां पर स्थानीय और अन्य प्रदेशों से आने वाले पर्यटक काजू, अखरोट, मखाने आदि की खरीदारी करते हैं। एक सप्ताह से मखाने के भाव में और तेजी आई है।
छोटे दुकानदारों ने मखाना को थोक बाजार से लेना बंद कर दिया है। जितनी जरूरत है या मांग होती है उसके अनुसार ही मखाना खरीदकर बेच रहे हैं। मखाने की अधिकतर पैदावार पश्चिम बंगाल व बिहार में होती है। वहीं से मखाना महंगा मिल रहा है। यहां तक आते-आते और महंगा हो जाता है।
30 वर्षों से रघुनाथ बाजार में दुकान कर रहे विनय शर्मा ने बताया कि मखाने के दाम में और उछाल आ सकता है।
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मखाने की कीमतें लगातार बढ़ने से दुकानदार चिंतित हैं। उतना ही माल मंगवा रहे हैं जितना बिकने की उम्मीद है। दाम बढ़ने के कारणों का पता नहीं। बिहार से आ रहे मखाने में वैरायटी है। इसमें 1300 से 1400 और 1600 रुपये किलो तक मखाना उपलब्ध है। दुकानों में ग्राहक आकर लौटे नहीं इसके लिए 250 ग्राम तक के पैकेट दो से तीन रख रहे हैं।
-विनय शर्मा, श्रीरघुनाथ बाजार, जम्मू
मखाने की कीमतें महाशिवरात्रि को चलते बढ़ीं हैं। 1300 रुपये से कम मखाना नहीं है। कई नामचीन कंपनियों की तरफ से मखाने की बिक्री की जा रही है। इसके बाद यह खुले की बजाए पैकेटबंद बिक रहा है। बाहर से ही मखाना महंगा मिल रहा है।
-मनोज कुमार, दुकानदार
बिहार व पश्चिम बंगाल की तरफ से सर्वाधिक पैदावार मखाने की होती है। पानी की अधिकता वाले क्षेत्रों की यह प्रमुख फसल है। इस बार पता नहीं कि उत्पादन कितना हुआ है। इनपर ध्यान देना थोक बाजार का काम है। हमें जितनी कीमत में मिलता है उस पर ही हमें बेचना मजबूरी है। हो सकता है कि आगे अभी कीमतें बढ़ें।
-गौरव गुप्ता, दुकानदार
मनोज कुमार। अमर उजाला
मनोज कुमार। अमर उजाला