ऐसे दिया वारदात को अंजाम
वर्ष 2013 में 16 दिसंबर को मनोहर लाल ने सतवारी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। बताया कि उसका भतीजा साहिल कुमार मंदिर के पास खेल रहा था। शाम 6.30 बजे के बाद से उसका कुछ पता नहीं है। पुलिस ने शिकायत दर्ज करते हुए चट्ठा पुलिस चौकी में इसकी जानकारी दी। 17 दिसंबर को अगले दिन साहिल कुमार का शव खंदवाल गांव के खेत में भूसे के ढेर में मिला। साहिल का गला कटा हुआ था। दाहिनी आंख भी निकाल ली गई थी। पेट पर भी जख्म के निशान थे।
तांत्रिक बन ले ली बली
आरोपी तिलक राज ने अपने घर जियारत बना रखी थी। लोग उसके पास आते-जाते थे। वह खुद तांत्रिक बन गया था। तंत्र विद्या के लिए उसने साहिल की हत्या की। वारदात के दिन उसने पहले से खेत में लकड़ियों के ढेर में दराती छिपा रखी थी, जबकि चाकू अपने घर से ले गया। सर्दी की वजह से अंधेरा जल्दी हो गया था। इसका लाभ उठाकर वह साहिल को गांव से बाहर खेत में ले गया। वहां दराती से उसका गला काटा। इसके बाद चाकू से उसकी आंख निकाली। फिर पेट में चाकू मारे।