भूमि रिकॉर्ड और राजस्व दस्तावेजों संबंधी समस्याएं अब फोन पर हल होंगी। लोगों को पटवारखानों व तहसीलदार कार्यालयों के चक्कर काटने से राहत मिलेगी। सरकार नागरिक सचिवालय जम्मू से सितंबर से 24 घंटे सक्रिय रहने वाला कॉल सेंटर शुरू करने जा रही है। केंद्र में जन समस्याओं को सुनने, सलाह व समाधान के लिए प्रशिक्षित लोगों की तैनाती होगी।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, जम्मू कश्मीर में दो संभाग, बीस जिले, 49 सब डिविजन, 207 तहसीलें और 558 नियाबत और 1662 पटवार हल्के और 6860 गांव हैं। ऐसे में भूमि रिकार्ड और राजस्व संबंधी कामों के लिए लोग राजस्व विभाग खासतौर से पटवार खानों, तहसीलदार कार्यालयों, एसडीएम कार्यालयों और जिला उपायुक्तों कार्यालयों में आते हैं। इससे लोगों के समय व ऊर्जा की बर्बादी होती है।
डिजिटलीकरण से ऑनलाइन ले सकेंगे भूमि दस्तावेज
जम्मू व श्रीनगर जिलों में राजस्व रिकार्ड के डिजिटलीकरण का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। अन्य जिलों में भी राजस्व विभाग के डिजिटलीकरण का काम तेजी से जारी है। ऐसे में लोग अब सरलता से भूमि दस्तावेजों की जानकारी हासिल कर सकते हैं और उन्हें विभागों के चक्कर काटने की जरूरत भी नहीं है।
लोगों की समस्याओं का निपटान करने व सुनने के लिए नागरिक सचिवालय जम्मू में कॉल सेंटर को स्थापित किया जाएगा और इसमे प्रशिक्षित स्टाफ की तैनाती होगी। इसके लिए पांच सितंबर तक कंपनियों से टेंडर आमंत्रित किए गए हैं।
जम्मू-कश्मीर के लोगों के हित में राजस्व विभाग नागरिक सचिवालय जम्मू में 24 घंटें कार्य करने वाले कॉल सेंटर को स्थापित करने जा रहा है। कॉल सेंटर मे कभी भी लोग फोन कर अपनी शिकायतें व समस्याएं दर्ज करवा सकेंगे। दर्ज हुई समस्याओं का समाधान हो, इस पर पूरी निगरानी रखी जाएगी। नई व्यवस्था लोगों को बड़ी राहत उपलब्ध करवाएगी।
-विजय कुमार बिदुरी, आयुक्त सचिव राजस्व विभाग जम्मू-कश्मीर।