जम्मू। ऑपरेशन सिंदूर के चलते भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव और अघोषित युद्ध के बाद संघर्ष विराम का फैसला जरूर हुआ है, लेकिन लोगों खासकर श्रमिकों में दहशत है। अभी भी प्रदेश के दूसरे जिलों खासकर कश्मीर से श्रमिकाें लौटना जारी है। हालांकि, शनिवार की अपेक्षा रविवार को प्रवासी मजदूरों की रेलवे स्टेशन पर कम भीड़ दिखाई दी।
कश्मीर से आए प्रवासी मजदूरों को शनिवार रात स्टेशन पर ही गुजारनी पड़ी। शनिवार को जिस तरह प्रवासी मजदूरों का रेला रेलवे स्टेशन पर दिखाई दिया था। सभी को घर जाने की जल्दी थी। रविवार को इसका क्रम टूटता नजर आया। जम्मू रेलवे स्टेशन के बाहर व अंदर प्रवासी मजदूरों की संख्या कम दिखाई दी। बाहर पेड़ों की छांव में बैठे प्रवासी मजदूरों ने बताया कि पाकिस्तान के साथ युद्ध के बीच जाना पड़ रहा है। पाकिस्तान का कोई भरोसा नहीं कर सकते। हम कश्मीर में अक्सर देखते रहते हैं कि वहां पर फायरिंग होती रहती है। ऐसे में दहशत है। जान बचेगी तो फिर कमाने के लिए आ जाएंगे।
रविवार को प्रवासी मजदूरों की संख्या घटी तो खाली नजर आया रेलवे स्टेशन । अमर उजाला
रविवार को प्रवासी मजदूरों की संख्या घटी तो खाली नजर आया रेलवे स्टेशन । अमर उजाला
रविवार को प्रवासी मजदूरों की संख्या घटी तो खाली नजर आया रेलवे स्टेशन । अमर उजाला