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जम्मू-कश्मीर: जनजातीय विभाग और पहाड़ी भाषी बोर्ड में हजारों युवाओं की छात्रवृत्ति अटकी

Fri, 28 May 2021 10:42 AM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू

सार

वर्ष 2020-21 में किए आवेदन के बावजूद अब तक छात्रों को छात्रवृत्ति नहीं मिली है। कोरोना संकट के बावजूद छात्रवृत्ति नहीं मिलने से हजारों छात्र प्रभावित हो रहे हैं।
 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जम्मू-कश्मीर जनजातीय विभाग और पहाड़ी भाषी बोर्ड में हजारों छात्रों की छात्रवृत्ति अटकी है। इन छात्रों को पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत प्रति वर्ष छात्रवृत्ति दी जाती है। पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के आवेदक ऐजाज मीर ने कहा कि उन्होंने अक्तूबर में छात्रवृत्ति के लिए आवेदन किया था। हर वर्ष मार्च तक छात्रवृत्ति मिल जाती थी, लेकिन इस बार जून शुरू होने को है और अब तक छात्रवृत्ति नहीं मिली है। छात्रवृत्ति में मिलने वाली राशि में भी कमी की गई है।

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संस्थान द्वारा जारी फीस स्लिप के आधार पर छात्रवृत्ति नहीं मिल रही है। अगर उन्होंने 12 हजार रुपये वार्षिक फीस का भुगतान किया तो मुझे छात्रवृत्ति पांच से सात हजार रुपये ही मिल रहे हैं। संबंधित विभाग से पूछने पर बजट कम होने की बात कही जाती है।

गुज्जर बक्करवाल यूथ वेलफेयर कांफ्रेंस के सदस्य और राजनीतिक कार्यकर्ता गुफ्तार अहमद चौधरी ने कहा कि बड़ी संख्या में छात्र हमसे भी इस संबंध में शिकायत करते हैं। छात्रवृत्ति न मिलने से संबंधित प्रतिदिन शिकायतें पहुंची हैं।
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छात्रवृत्ति पाने वाले सभी छात्र आर्थिक रूप से कमजोर हैं, ऐसे में विभाग को चाहिए वह समय पर छात्रों की छात्रवृत्ति जारी करे। वहीं जनजातीय विभाग की संयुक्त निदेशक कमलेश रानी ने कहा कि मैं अभी कोरोना संक्रमित हूं, अभी कुछ नहीं कह सकती हूं। कार्यालय जाने के बाद कुछ कह सकूंगी।
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