जम्मू-कश्मीर रियासत को कबाइलियों से बचाने के लिए महारजा हरि सिंह ने भारत सरकार से मदद मांगी। तब की सरकार ने महाराजा के साथ विलय करने की शर्त रखी। 26 अक्तूबर 1947 को महाराजा हरि सिंह ने भारत के साथ रियासत के विलय के समझौते पर हस्ताक्षर किए। विलय होते ही भारतीय सेना ने घाटी के सीमांत क्षेत्रों में पहुंचकर बिगड़ी स्थिति पर काबू पाया था। तब से जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग बना है।
डोगरा इतिहास को स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग की जा रही है। दशकों पहले दबाए गए डोगरा इतिहास के साथ युवाओं को अवगत करवाने पर सरकार खास ध्यान दे रही है, ताकि डोगरा शासन में जम्मू-कश्मीर की राजनीतिक, आर्थिक, समाजिक और सांस्कृतिक स्थिति की डोगरा समाज की जानकारी युवाओं में मिल सके।