राजोरी में लापता युवक की पुलिस हिरासत में मौत पर बवाल मच गया। परिजनों ने पुलिस पर यातनाएं देकर हत्या करने का आरोप लगाकर राजोरी के कालाकोट-सोलकी मार्ग जाम कर पांच घंटे प्रदर्शन किया। वहीं आरोपों का संज्ञान लेकर पुलिस ने थाने में ड्यूटी पर तैनात सहायक सब इंस्पेक्टर (एएसआई), हेड कांस्टेबल और फॉलोअर को निलंबित कर दिया गया है।
पुलिस ने संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। मृतक युवक शेर सिंह निवासी डग्गल हलाल के परिजनों ने बताया कि शेर सिंह सुंदरबनी में दुकान पर काम करता था। शुक्रवार वह अपने काम के बाद घर आ रहा था। उसने सियोट पहुंचकर भाई को फोन करके बताया कि उसे कोई वाहन नहीं मिल रहा है।
लिहाजा उसे लेने आए। भाई जब सियोट पहुंचा तो शेर सिंह वहां नहीं मिला। शनिवार की सुबह पता चला कि शुक्रवार की शाम शेर सिंह को नाके पर पुलिस पकड़कर थाने ले गई थी। नाके पर पहुंचे तो पुलिस ने बताया कि उसका भाई घायल हो गया है और उसे कालाकोट के सरकारी अस्पताल ले जाकर उसका उपचार करना है।
पुलिस ने शव को एक प्लास्टिक के बिस्तर मे पैक करके भाई और एक हवलदार के साथ गाड़ी में बिठाकर कालाकोट की ओर भेज दिया। परिजनों ने कहा कि पुलिस ने उन्हें शेर सिंह का मुंह तक नहीं देखने दिया। पुलिस ने रास्ते में ही गाड़ी रुकवाई और मृतक के भाई से कहा कि अब इसे खुद अस्पताल ले जाएं।
इस दौरान जब शेर सिंह का मुंह देखा तो वह मृत मिला। गुस्साए परिजन शेर सिंह का शव साथ लेकर सोलकी पहुंचे और सड़क के बीचो बीच प्रदर्शन शुरू कर दिया। सुबह दस से दोपहर तीन बजे तक जारी रहे प्रदर्शन के बाद अतिरिक्त जिला उपायुक्त कृष्ण लाल और एसडीपीओ नौशेरा तौसीफ अहमद ने भरोसा दिलाया कि पूरी घटना की निष्पक्ष जांच की जाएगी।
पांच घंटे के बाद मार्ग खुलवाया गया। एएसपी मोहम्मद रफी गिरी ने कहा कि संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला दर्ज कर छानबीन की जा रही है। इस घटना को लेकर एएसआई रमेश चंद्र,हेड कांस्टेबल तिलक राज और फॉलोवर चमन लाल को निलंबित कर दिया गया है।
वहीं एसएसपी राजोरी मोहम्मद असलम ने कहा, तीन कर्मी निलंबित किए गए हैं। जांच में जो भी दोषी पाया गया, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।