जम्मू-कश्मीर में बुधवार को आए तूफान और बारिश से प्रभावित हुआ जनजीवन पटरी पर आ भी नहीं सका था कि मौसम के और बिगड़ने के आसार ने चिंता बढ़ा दी है। शुक्रवार से सक्रिय हो रहे एक और पश्चिमी विक्षोभ के कारण 18 और 19 अप्रैल को भारी बारिश व बर्फबारी के साथ यलो व ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन, पत्थर गिरने की चेतावनी है। मौसम का मिजाज 20 अप्रैल तक बिगड़ा रहेगा।
बीते बुधवार को 68.1 किमी की रफ्तार से आए तूफान ने प्रदेश भर में तबाही मचाई है। उधमपुर और हंदवाड़ा में दो लोगों की जान चली गई। पूरे जम्मू संभाग में बेपटरी हुई बिजली आपूर्ति व्यवस्था वीरवार को भी पूरी तरह से पटरी पर नहीं आ सकी। जम्मू शहरी इलाके में बिजली आपूर्ति व्यवस्था बहाल होने में 20 घंटे तक लग गए, जबकि ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्रों में हालात में सुधार नहीं हुआ। वीरवार को मौसम साफ रहा। श्रीनगर में दिन का पारा 21.5 और न्यूनतम 10.8 डिग्री सेल्सियस रहा। जम्मू में दिन का पारा 35.0 और न्यूनतम 18.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
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आज दोपहर से इन जिलों में बदलेगा मौसम...64.5 से 115.4 मिलीमीटर हो सकती है बारिश
मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के अनुसार 18 अप्रैल की दोपहर से मौसम बदलेगा। मौसम विभाग ने जम्मू, सांबा, कठुआ, उधमपुर, डोडा, रामबन, किश्तवाड़, रियासी, राजोरी, पुंछ, अनंतनाग, कुलगाम, शोपियां, पुलवामा, गांदरबल, श्रीनगर, बारामुला, कुपवाड़ा, बांदीपोरा के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में 64.5 से लेकर 115.4 मिलीमीटर तक बारिश हो सकती है।
कल तेज हवा के झोंकों साथ इन जिलों में 115.5 से 205.5 मिलीमीटर तक बारिश के आसार
19 अप्रैल को शोपियां, पुलवामा, अनंतनाग, कुलगाम, किश्तवाड़, रामबन, रियासी, डोडा, उधमपुर जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में हवा के तेज झोंकों के साथ 115.5 से 205.5 मिलीमीटर तक बारिश हो सकती है।
ये इलाके ज्यादा प्रभावित होंगे, 70 किमी की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी
जम्मू संभाग के पीर पंजाल के उच्च पर्वतीय क्षेत्रों, कश्मीर संभाग के अनंतनाग, पहलगाम, कुलगाम, सिंथन पास, पीर की गली, सोनमर्ग-जोजिला, बांदीपोरा-राजदान पास, गुलमर्ग व कुपवाड़ा-साधना पास में भारी बारिश के साथ बर्फबारी होने के आसार हैं। कई इलाकों में 70 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
जानिए, क्या-क्या परेशानियां हो सकती हैं
सड़क, हवाई और रेल सेवाओं पर असर पड़ेगा। जम्मू-श्रीनगर, श्रीनगर-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग और अन्य संपर्क मार्ग प्रभावित हो सकते हैं। किसानों को 10 से 21 अप्रैल तक कृषि संबंधी गतिविधियां स्थगित करने की सलाह दी गई है। लोगों को नदी, नालों के पास न जाने की सलाह दी गई है। सरकार ने प्रशासन को आपदा प्रबंधन मजबूत करने के आदेश दिए हैं। पर्यटकों, यात्रियों और ट्रांसपोर्टरों को एडवाइजरी के तहत सफर करने की सलाह दी गई है।