आईएमडी के आंकड़ों के मुताबिक, दिसंबर 2023 में 79 फीसदी कम बारिश हुई, जबकि इस साल जनवरी के पहले 10 दिन भी सूखे रहे हैं। यह सूखा खेलो इंडिया विंटर गेम्स के चौथे संस्करण को खतरे में डाल सकता है, जो 2 फरवरी से गुलमर्ग में आयोजित होगा।
जम्मू-कश्मीर में शुष्क मौसम और बर्फबारी न होने के कारण सैलानियों को निराश लौटना पड़ रहा है। इससे न केवल पर्यटन गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं, बल्कि कृषि पर भी असर पड़ रहा है। नए साल की पूर्व संध्या पर गुलमर्ग में स्कीइंग और बर्फ से जुड़ी अन्य गतिविधियों का आनंद लेने की उम्मीद में बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचे थे, लेकिन बर्फबारी न होने से उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा।
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दिल्ली से आए पर्यटक पंकज सिंह ने बताया कि पत्नी व तीन बच्चों के साथ घाटी घूमने आए थे। तीन से नौ जनवरी तक पैकेज बुक किया था। कहा कि 2005 से लगातार कश्मीर आता रहा हूं और इस साल, बच्चों को स्कीइंग सिखाने की उम्मीद से आए थे, लेकिन बर्फ नहीं होने से निराशा हाथ लगी।
कम बर्फबारी होने से घाटी में कृषि प्रभावित
घाटी के टूर ऑपरेटर मुजफ्फर अहमद ने कहा, इस बार सर्दी का मौसम व्यापार के लिए बहुत खराब चल रहा है। नौगाम के किसान मोहम्मद अकबर गनई ने कहा, पर्वतीय इलाकों में बहुत कम बर्फबारी होने से घाटी में कृषि प्रभावित हो सकती है। पानी की भी समस्या रहेगी।
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दिसंबर 2023 में 79 फीसदी कम हुई बारिश
भारत मौसम विज्ञान विभाग आईएमडी लेह के निदेशक सोनम लोटस के अनुसार 25 जनवरी तक किसी भी सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ या बर्फबारी का कोई पूर्वानुमान नहीं है। लेह में ग्लेशियरों के तेजी से पिघलने की गंभीर समस्या पैदा हो सकती है। आईएमडी के आंकड़ों के मुताबिक, दिसंबर 2023 में 79 फीसदी कम बारिश हुई, जबकि इस साल जनवरी के पहले 10 दिन भी सूखे रहे हैं। यह सूखा खेलो इंडिया विंटर गेम्स के चौथे संस्करण को खतरे में डाल सकता है, जो 2 फरवरी से गुलमर्ग में आयोजित होगा।