धान की फसल
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कुलगाम जिले के विभिन्न इलाकों में रविवार शाम को भीषण ओलावृष्टि ने कहर बरपाया। इससे सेब के बगीचों के साथ-साथ सब्जियों को काफी नुकसान पहुंचा है। इसमें बेहीबाग, काप्रिन, दर्देकूट, फ्रिसल और कांजीउल्लर गांव सबसे प्रभावित रहे हैं। ओलावृष्टि की तीव्रता इतनी थी कि इससे क्षेत्र के कृषि क्षेत्र को काफी नुकसान हुआ। कुछ लोगों ने बताया कि सेब के बगीचों को नुकसान से किसान बेहाल हैं।
सर्दी में बिजली खपत पर कटौती देगी झटके
जम्मू-कश्मीर में पावर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (जेकेपीडीसीएल) ने कटौती का खाका तैयार किया है। इसके तहत प्रतिदिन 4 से 6 घंटे तक बिजली कटौती होगी। यह निर्णय प्रदेश में बढ़ती बिजली की खपत के कारण लिया गया है। खासकर सर्दी में हीटर सहित अन्य उपकरणों के इस्तेमाल से बिजली की खपत बढ़ जाती है।
अभी तक कटौती का शेड्यूल जारी नहीं किया है, लेकिन विभागीय अधिकारियों को कहना है कि रोस्टर लगभग तैयार है, जिसे नवरात्र के बाद लागू करने की संभावना। हालांकि, शहर से लेकर गांवों तक अघोषित कटौती जारी है। नए शेड्यूल के अनुसार शहरी क्षेत्रों में प्रतिदिन 4 से साढ़े तीन घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में छह घंटे तक कटौती हो सकती है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार वर्तमान में प्रदेश में बिजली आपूर्ति 1100 मेगावाट, जबकि मांग 1800 मेगावाट से ज्यादा है। जेकेपीडीसीएल के एमडी शिव अनंत तयाल का कहना है कि आपूर्ति और मांग के बीच बड़ा अंतर आ गया है। इसे पूरा करने के लिए कहीं-कहीं पर कटौती की जा रही है। जरूरत पड़ी तो बिजली विभाग कटौती का शेड्यूल भी जारी किया जा सकता है।
इस वजह से बढ़ रही मांग
सर्दी शुरू होने के साथ ही खासतौर पर कश्मीर निवासियों को बिजली कटौती और अनियमित बिजली आपूर्ति का सामना करना पड़ रहा है। विभाग के अिधकारी बिजली की कमी का हवाला देते हुए कहते हैं कि ठंड के मौसम में हीटर सहित अन्य बिजली उपकरणों के प्रयोग के चलते कारण मांग बढ़ जाती है। बिजली की खपत में यह वृद्धि बिजली आपूर्ति प्रभावित कर रही है। जिससे बिजली कटौती का सहारा लेना पड़ रहा है।