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J&K Weather: जम्मू-श्रीनगर समेत कई इलाकों में बारिश, इन क्षेत्रों में बर्फबारी, ऐसा रहेगा दो दिन मौसम

Mon, 16 Oct 2023 06:13 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

जम्मू, सांबा, रियासी, पुंछ, राजोरी, श्रीनगर समेत कई इलाकों में आज की शुरुआत बारिश की बूंदों के साथ हुई। प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाके में ताजा बर्फबारी हुई है। इससे तापमान गिरावट दर्ज की गई है। ठंड का अहसास बढ़ गया है।
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पीर की गली में बर्फबारी - फोटो : मुनीष शर्मा
जम्मू कश्मीर में एक बार फिर सोमवार को मौसम ने करवट बदली है। जिला जम्मू, आरएसपुरा, सांबा, रियासी, पुंछ, राजोरी, श्रीनगर समेत कई इलाकों में आज की शुरुआत बारिश की बूंदों के साथ हुई। सुबह तड़के से ही हल्की से मध्यम बारिश हो रही है। बरसती बूंदों के बीच लोग अपने गंतव्यों के लिए रवाना हुए। उधर, प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाके में ताजा बर्फबारी हुई है। इससे तापमान गिरावट दर्ज की गई है। ठंड का अहसास बढ़ गया है।

 
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जम्मू में बारशि - फोटो : अभिषेक बड़ू
जम्मू संभाग के पुंछ और राजोरी को कश्मीर घाटी के शोपियां जिले से जोड़ने वाले मुगल रोड पर 'पीर की गली' पर ताजा बर्फबारी हुई है। इसके चलते मुगल रोड को बंद कर दिया गया है। प्रशासन ने पीर की गली में ताजा हिमपात के चलते यात्रियों को मुगल रोड पर अपनी यात्रा की योजना बनाने से पहले यातायात की स्थिति की पुष्टि करने की सलाह दी है। उधर, रियासी में माहौर को जाने वाला मार्ग बारिश के चलते प्रभावित हुआ है।

 
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श्रीनगर में बारिश - फोटो : बासित जरगर
बर्फबारी के चलते बांदीपोरा-गुरेज मार्ग बंद

उत्तरी कश्मीर के बांदीपोरा जिले की गुरेज घाटी के ऊपरी इलाकों में ताजा बर्फबारी हुई है। इससे बनी फिसलन भरी स्थिति के कारण बांदीपोरा-गुरेज मार्ग बंद हो गया है। अधिकारियों ने बताया कि गुरेज घाटी के ऊंचाई वाले गांव दिसान में बर्फबारी हुई, जबकि मैदानी इलाकों में बारिश हुई। ये क्रम रात से ही जारी है। राजदान टॉप और आसपास के अन्य इलाकों में बर्फबारी हुई है। एसडीएम गुरेज ने बताया, 'बर्फबारी के कारण गुरेज रोड बंद है, घाटी में बारिश जारी है।' उन्होंने कहा कि घाटी के ऊपरी इलाकों में हल्की से मध्यम बर्फबारी की सूचना है। अधिकारियों ने कहा कि मौसम में सुधार होने पर सड़क को यातायात के लिए शुरू कर दिया जाएगा। 

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जम्मू में बारिश के बाद सड़कों पर पानी भर गया - फोटो : अभिषेक बड़ू
मौसम विभाग श्रीनगर के उप निदेशक मुख्तार अहमद ने बताया कि पर्यटन स्थल गुलमर्ग, पीर की गली, सिंथन टॉप, गुरेज, तुलैल, सोनमर्ग, श्रीनगर-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग पर जोजिला दर्रा और केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के कुछ स्थानों पर हल्की बर्फबारी हुई है। बुधवार को भी मौसम बिगड़ा रहेगा। 18 अक्टूबर से मौसम में सुधार होगा और 24 अक्टूबर तक मौसम साफ रहने की उम्मीद है।

लोगों ने ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़े पहनना शुरू कर दिया है। स्थानीय लोगों ने आने वाली सर्दियों की तैयारी शुरू कर दी है, जो आमतौर पर कश्मीर में बहुत कठोर होती है। ऊंचाई वाले कई इलाकों में लोगों ने कांगड़ी का उपयोग करना शुरू कर दिया है। इस बार सर्दी सामान्य समय से पहले आ गई है।
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श्रीनगर: बारिश में छाता लेकर जातीं युवतियां - फोटो : बासित जरगर

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धान की फसल - फोटो : अमर उजाला

कुलगाम जिले के विभिन्न इलाकों में रविवार शाम को भीषण ओलावृष्टि ने कहर बरपाया। इससे सेब के बगीचों के साथ-साथ सब्जियों को काफी नुकसान पहुंचा है। इसमें बेहीबाग, काप्रिन, दर्देकूट, फ्रिसल और कांजीउल्लर गांव सबसे प्रभावित रहे हैं। ओलावृष्टि की तीव्रता इतनी थी कि इससे क्षेत्र के कृषि क्षेत्र को काफी नुकसान हुआ। कुछ लोगों ने बताया कि सेब के बगीचों को नुकसान से किसान बेहाल हैं।

सर्दी में बिजली खपत पर कटौती देगी झटके

जम्मू-कश्मीर में पावर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (जेकेपीडीसीएल) ने कटौती का खाका तैयार किया है। इसके तहत प्रतिदिन 4 से 6 घंटे तक बिजली कटौती होगी। यह निर्णय प्रदेश में बढ़ती बिजली की खपत के कारण लिया गया है। खासकर सर्दी में हीटर सहित अन्य उपकरणों के इस्तेमाल से बिजली की खपत बढ़ जाती है।

अभी तक कटौती का शेड्यूल जारी नहीं किया है, लेकिन विभागीय अधिकारियों को कहना है कि रोस्टर लगभग तैयार है, जिसे नवरात्र के बाद लागू करने की संभावना। हालांकि, शहर से लेकर गांवों तक अघोषित कटौती जारी है। नए शेड्यूल के अनुसार शहरी क्षेत्रों में प्रतिदिन 4 से साढ़े तीन घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में छह घंटे तक कटौती हो सकती है।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार वर्तमान में प्रदेश में बिजली आपूर्ति 1100 मेगावाट, जबकि मांग 1800 मेगावाट से ज्यादा है। जेकेपीडीसीएल के एमडी शिव अनंत तयाल का कहना है कि आपूर्ति और मांग के बीच बड़ा अंतर आ गया है। इसे पूरा करने के लिए कहीं-कहीं पर कटौती की जा रही है। जरूरत पड़ी तो बिजली विभाग कटौती का शेड्यूल भी जारी किया जा सकता है।

इस वजह से बढ़ रही मांग

सर्दी शुरू होने के साथ ही खासतौर पर कश्मीर निवासियों को बिजली कटौती और अनियमित बिजली आपूर्ति का सामना करना पड़ रहा है। विभाग के अिधकारी बिजली की कमी का हवाला देते हुए कहते हैं कि ठंड के मौसम में हीटर सहित अन्य बिजली उपकरणों के प्रयोग के चलते कारण मांग बढ़ जाती है। बिजली की खपत में यह वृद्धि बिजली आपूर्ति प्रभावित कर रही है। जिससे बिजली कटौती का सहारा लेना पड़ रहा है।

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