जम्मू शहर में मंगलवार को बादल छाए हुए हैं। बीच-बीच में हल्की बूंदाबांदी भी देखने को मिल रही है। यही स्थिति कठुआ, उधमपुर, राजोरी, और पुंछ जिले की है। हालांकि प्रदेश में सभी जगहों पर ठंड का असर बना हुआ है। जम्मू में बीते दिनों के मुकाबले सर्दी में कुछ कम हुई है। उधर, जम्मू के साथ लगते सांबा और जिले के सीमावर्ती क्षेत्र रामगढ़ में हल्की रिमझिम बूंदाबांदी हुई है। कश्मीर घाटी के कई इलाकों में बादल छाए हुए हैं। गुलमर्ग में बर्फबारी हुई है। अन्य इलाकों में हिमपात और बारिश की उम्मीद की जा रही है।
इससे पहले तीन दिन लगातार हुई बर्फबारी से पर्यटकों और पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों के चेहरे खिल गए। पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों का कहना है कि बर्फबारी ने बड़ी राहत दी है। इससे पहले तक सभी चिंतित थे। इस बीच सोमवार को बच्चों सहित बड़ी संख्या में पर्यटक गुलमर्ग और सोनमर्ग में बर्फबारी का आनंद उठाने के लिए पहुंचे।
दो दिन में घाटी के इन इलाकों में हो सकती है बर्फबारी
मौसम विभाग ने मंगलवार और बुधवार को कुपवाड़ा, बांदीपोरा, बारामुला, गांदरबल, शोपियां, कुलगाम और अनंतनाग जिले के कुछ ऊंचे इलाकों में भारी बर्फबारी की संभावना जताई है।
मौसम विभाग के अनुसार, 30 से 31 जनवरी तक प्रदेश के कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और कई इलाकों में बर्फबारी की संभावना है। एक से दो फरवरी तक आम तौर पर बादल छाए रहेंगे और दोपहर और शाम के बीच कई स्थानों पर हल्की बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है। तीन से चार फरवरी तक कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी की संभावना है।
30 और 31 जनवरी को एडवाइजरी पर यात्रा करने की सलाह
30 और 31 जनवरी को बनिहाल, पुंछ, डोडा और किश्तवाड़ के पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है। इस अवधि में कुपवाड़ा, बांदीपोरा, बारामुला, गांदरबल, शोपियां, कुलगाम और अनंतनाग जिला के कई हिस्सों में भारी हिमपात होने के आसार हैं। इस दौरान बर्फबारी की सूरत में लोगों को सिंथन पास, मुगल रोड, सादना, राजदान, जोजीला आदि मार्गों पर यातायात विभाग द्वारा जारी एडवाइजरी के तहत यात्रा करने की सलाह दी गई है। किसानों को भी तय एडवाइजरी के तहत सिंचाई और अन्य गतिविधियां करने की सलाह जारी की गई है। घाटी में 40 दिन का चिल्ले कलां 31 जनवरी को समाप्त हो रहा है। इसके बाद 20 दिन का चिल्ला-ए-खुर्द (छोटी ठंड) शुरू होगा।