शुष्क सर्दी सेहत पर भारी, त्वचा में एलर्जी बढ़ी, हार्ट अटैक का भी खतरा
नए साल की शुरुआत के साथ मौसम के बदले मिजाज ने सेहत को भी प्रभावित किया है। जम्मू में दिन का पारा 10 डिग्री तक पहुंच गया है। पिछले लंबे समय से बारिश न होने के कारण शुष्क सर्दी में बढ़ोतरी हुई है। इससे वायरल इंफेक्शन और त्वचा संबंधी शारीरिक समस्याएं बढ़ रही हैं। इससे बच्चों सहित बड़े पीड़ित हो रहे हैं। डाक्टरों के अनुसार इस मौसम पर पहले से बीमार लोगों को खास एहतियात बरतने की जरूरत है।
शुष्क मौसम खींचने से इंफ्लुएंजा संबंधी वायरल इंफेक्शन का प्रभाव बढ़ा है। एसएमजीएस अस्पताल के बाल रोग विभाग के एचओडी डाॅ. जीएस सैनी ने बताया कि दिसंबर में अधिक सर्दी नहीं पड़ी थी, लेकिन जनवरी के शुरू में तापमान में अधिक गिरावट आई है। अस्पताल में रोजाना 20 से 25 बाल रोगियों को भर्ती करना पड़ रहा है। इनमें अधिकांश इंफ्लुएंजा वायरल इंफेक्शन से पीड़ित हैं। इस मौसम में शारीरिक क्षमता कम होने के कारण एक साल से कम आयु वाले बच्चे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। उन्हें खांसी, जुकाम, छाती में इंफेक्शन, बुखार, सांस लेने में तकलीफ आदि की शिकायत हो रही है।
सीडी अस्पताल के एचओडी डॉ. राहुल गुप्ता ने कहा कि मौजूदा मौसम में अधिकांश लोग रेसप्रेटरी संक्रमण से पीड़ित हो रहे हैं। इसके साथ शुष्क मौसम से बच्चे और बुजुर्गों को त्वचा संबंधी एलर्जी की समस्याएं अधिक हो रही हैं। इसमें ड्राईनेस से जुड़ी समस्याएं ज्यादा हो रही हैं। पारा गिरने के साथ हार्ट अटैक के मामलों में वृद्धि हुई है। सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के कार्डियोलाजी विभाग के एचओडी डॉ. सुशील शर्मा का कहना है कि मौजूदा समय में खानपान पर ध्यान देने की जरूरत है। इसमें केलोस्ट्रोल युक्त खानपान से परहेज करना चाहिए। दिनचर्या में व्यायाम और शारीरिक गतिविधियों को जरूर शामिल करें।