उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में सुरक्षाबलों ने दो आतंकी ठिकाने ध्वस्त कर हिजबुल मुजाहिदीन के पांच आतंकी मददगारों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से हथियार और विस्फोटक बरामद किए गए। यह कार्रवाई जम्मू-कश्मीर पुलिस और 17 जैक राइफल्स ने संयुक्त ऑपरेशन में की।
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि जानकारी मिली थी कि हिजबुल मुजाहिदीन का एक आतंकी मॉड्यूल क्रालपोरा इलाके में सक्रिय है। यह आतंकियों को सुरक्षित आश्रय और रसद प्रदान कर रहा है। इस सूचना के आधार पर सुरक्षाबलों ने तीन आतंकी मददगारों को गिरफ्तार किया।
इनकी पहचान दर्दसुन क्रालपोरा के अब्दुल रऊफ मलिक, अलताफ अहमद पेयर और रियाज अहमद लोन के तौर पर हुई है। पूछताछ में तीनों ने बताया कि वे पाकिस्तान में बैठे आतंकवादी हैंडलर फारूक अहमद पीर उर्फ नदीम उस्मानी के इशारे पर काम कर रहे थे। उस्मानी ककरूसा कुपवाड़ा का रहने वाला है।
इस दौरान तीनों ने आतंकियों के दो ठिकानों के बारे में जानकारी दी। जहां हथियार और गोला.बारूद छुपाया गया था। आतंकी ठिकाने से एक एके राइफल, दो एके मैगजीन, 119 एके राउंड, एक पिस्टल, एक पिस्टल मैगजीन, चार पिस्टल राउंड, 6 हैंड ग्रेनेड, एक आईईडी, दो डेटोनेटर, दो वायर बंडल और लगभग 100 लीटर क्षमता का एक पानी का टैंक बरामद किया गया है।
जून में हथियार खरीदने के लिए मिले थे छह लाख
आतंकी मददगारों ने बताया कि तीनों को जून 2022 में 6 लाख रुपये मिले थे। इस रकम से आतंकी ठिकानों का निर्माण, हथियार व गोला-बारूद की खरीद की जानी थी। इसमें से 64000 रुपए बरामद कर लिए गए हैं। इसके अलावा हुमहामा बडगाम निवासी अब्दुल मजीद बेग और बांदीपोरा के एक अन्य आतंकी मददगार को भी पकड़ा गया है।
ये दोनों भी तीनों की मदद कर रहे थे। अब्दुल मजीद व एक अन्य मददगारों को वर्तमान में पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (पीओजेके)में स्थित बडगाम के एक और आतंकवादी हैंडलर फैयाज गिलानी द्वारा नियंत्रित किया जा रहा था।
युवाओं को आतंकी बनाने की थी जिम्मेदारी
गिरफ्तार किए गए आतंकी मददगारों को घाटी में आतंकियों के लिए लक्ष्य का चयन करने और युवाओं को आतंकवादी रैंकों में शामिल करने के लिए कट्टरपंथी बनाने का काम सौंपा गया था। क्रालपोरा पुलिस थाने में केस दर्ज कर लिया गया है। मामले में कुछ और गिरफ्तारियां होने की संभावना है।