कुपवाड़ा में मारे गए घुसपैठिए से मिले हथियार
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उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में एलओसी से सटे माच्छिल सेक्टर में सुरक्षाबलों ने पाकिस्तान की एक और साजिश को नाकाम करते हुए दो घुसपैठियों को मार गिराया। बुधवार की सुबह मारे गए इन आतंकियों के पास से भारी मात्रा में हथियार, गोलाबारूद समेत पाकिस्तानी करंसी बरामद हुई है।
सुरक्षाबलों ने यह कार्रवाई ऑपरेशन प्रहार के दौरान की। सूत्रों के अनुसार घुसपैठियों के पास से नशीले पदार्थ भी बरामद किए गए हैं।सेना की 15वीं कोर के प्रवक्ता कर्नल एमरॉन मोसवी ने बताया कि मच्छिल सेक्टर की तरफ आतंकवादी लांच पैड से संभावित घुसपैठ की एसएसपी कुपवाड़ा ने विशिष्ट खुफिया जानकारी दी।
इस पर सैनिकों को एक मई से ही हाई अलर्ट पर रखा गया था। इस बीहड़ और अत्यंत दुर्गम क्षेत्र के लिए विशेष दल गठित किया गया था। सैन्य प्रवक्ता ने बताया कि सेना और एसओजी के जवानों को घुसपैठ के संभावित मार्गों पर तैनात किया गया। लगातार दो रात तक बारिश, खराब दृश्यता और तापमान में गिरावट के बावजूद जवान मोर्चे पर मुस्तैद रहे।
तीन मई की सुबह करीब साढ़े आठ बजे नियंत्रण रेखा के पास इस ओर सैनिकों ने घुसपैठ करने वाले आतंकियों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन आतंकवादियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में जवानों ने दो दहशतगर्दों को ढेर कर दिया।
मारे गए आतंकवादियों और संबद्ध आतंकी समूह की पहचान की जा रही है। यह सफल खुफिया इनपुट आधारित ऑपरेशन सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सभी सुरक्षा एजेंसियों के बीच घनिष्ठ तालमेल का एक और उदाहरण है।
दहशतगर्दों से ये हथियार बरामद
कर्नल एमरॉन ने बताया कि मारे गए आतंकवादियों के पास से दो एके 47 रायफल, छह एके-47 की मैगजीन, 159 एके राउंड, दो हैंड ग्रेनेड, पाकिस्तान निर्मित खाने-पीने की चीजें और सिगरेट के अलावा 660 रुपये की पाकिस्तानी करंसी बरामद की गई है।
उन्होंने बताया कि सुरक्षाबल क्षेत्र की शांति और सद्भाव को भंग करने के लिए पाकिस्तान के लगातार नापाक मंसूबों को विफल करने के लिए डटे हैं।
प्रवक्ता ने बताया कि भीषण ठंड के बावजूद सूचना के आधार पर जवानों ने दो रातें कड़ी मोर्चेबंदी रखी। तीसरे दिन सुबह आतंकियों का समूह घुसपैठ करते दिखा। लेकिन दो दिन जवानों ने दिन रात एलओसी पर मूवमेंट पर पैनी नजर रखी।