कश्मीर के सोपोर में शुक्रवार को आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर हमला किया। इस हमले में दो जवान शहीद हो गए। दो नागरिकों की भी मौत हुई है। उधर, अनुच्छेद 370 पर मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का ऑडियो वायरल होने के बाद भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। आइए एक नजर डालते हैं प्रदेश की ऐसी ही पांच बड़ी खबरों पर...
कश्मीर के सोपोर में आतंकियों ने पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों को निशाना बनाकर हमला किया है। इस हमले में पुलिस के दो जवान शहीद व दो घायल हुए हैं। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हमले में दो नागरिक मारे गए हैं। एक नागरिक घायल भी हुआ है। शहीद होने वाले जवानों में कांस्टेबल वसीम अहमद पुत्र मोहम्मद साकिद भट निवासी नरबल श्रीनगर और कांस्टेबल शौकत अहमद पुत्र अब्दुल गनी निवासी गोरीपोरा बीरवाह बडगाम, शामिल हैं। एसआई मुकेश कुमार और एसपीओ दानिश अहमद घायल हुए हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें...
मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह अनुच्छेद 370 को लेकर विवादों में घिर गए हैं। दिग्विजय सिंह का एक क्लब हाउस का ऑडियो सामने आया है। जिसमें उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस पार्टी सत्ता में आती है, तो वह जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को फिर से बहाल करेगी। इस ऑडियो को लेकर भाजपा ने दिग्विजय सिंह के साथ ही कांग्रेस पर हमला बोला है।
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केंद्र जम्मू-कश्मीर में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव करवा सकता है। इसके लिए वह प्रदेश में शृंखलाबद्ध तरीके से राजनीतिक पहल शुरू करने की योजना बना रहा है। इसके तहत प्रदेश की मुख्यधारा की राजनीतिक पार्टियों के साथ केंद्र चर्चा भी कर सकता है।
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महिलाओं के खिलाफ हिंसा को लेकर प्रदेश का महिला आयोग दोबारा से गठित होने के लिए दो साल से इंतजार में है। ऐसे में हिंसा से पीड़ित महिलाओं के लिए अपनी शिकायत करने के लिए पुलिस ही एक मात्र सहारा है। जम्मू-कश्मीर से 370 हटने से पहले यहां महिला आयोग काम करता था। लेकिन प्रदेश का पुनर्गठन होने पर यह आयोग खत्म कर दिया गया। इसका दोबारा पुनर्गठन होगा। लेकिन दो साल के बाद भी इसका गठन नहीं हो पाया है। इसका असर महिलाओं के प्रति हिंसा के मामलों पर पड़ा है।
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पीडीपी प्रवक्ता ने कहा कि वह जम्मू-कश्मीर में जारी परिसीमन प्रक्रिया में भाग नहीं ले सकते। क्योंकि वर्तमान में पार्टी के पास मौजूदा सांसद नहीं हैं और न ही उनके पास कोई विधायक हैं। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सुहेल बुखारी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में पार्टियां चल रहे परिसीमन प्रक्रिया में अपनी भागीदारी पर व्यक्तिगत रूप से निर्णय ले सकती हैं।
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