कठुआ। प्रदेश सरकार ने जम्मू कश्मीर में माल के आयात और निर्यात पर लगने वाले टैक्स को समाप्त करने की अधिसूचनाएं जारी कर दी हैं। इसके तहत लखनपुर टोल पोस्ट समेत रेलवे स्टेशनों, ऐयरपोर्ट पर चलने वाली आबकारी की माइनर पोस्टों पर भी राज्य कर की वसूली को मंगलवार आधी रात से बंद करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
जम्मू कश्मीर लेवी ऑफ टोल टैक्स एक्ट संवत, 1995 की धारा 4 के तहत जम्मू कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश की लखनपुर टोल पोस्ट सहित रेलवे स्टेशनों, ऐयरपोर्ट और इंटरस्टेट रूट की माइनर पोस्टों पर भी कर वसूली समाप्त कर दी गई है। इससे ढ़ाई साल पहले देखा गया केंद्र सरकार का वन नेशन वन टैक्स का सपना भी आखिरकार पूरा हो गया है।
यूं तो जम्मू कश्मीर में महाराजा के समय में ही चुंगी वसूली जाती थी लेकिन सरकार की ओर से वर्ष 1956 में आधिकारिक रूप राज्यकर को अमल में लाया गया था। वर्ष 2020 के आगाज के साथ ही जम्मू कश्मीर सरकार को इस कर के रूप में मिलने वाला लगभग नौ सौ करोड़ रूपए का राजस्व भी अब बंद हो जाएगा। जम्मू कश्मीर को मिलने वाला राजस्व का यह सबसे बड़ा स्त्रोत रहा है।
मंगलवार रात से जहां कामर्शियल वाहनों पर लगने वाला कर समाप्त हुआ है वहीं लगभग पौने दो साल पहले जम्मू कश्मीर सरकार की ओर से ऐतिहासिक फैसला लेते हुए नान कामर्शियल वाहनों से कर की वसूली को समाप्त किया था। आबकारी सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार 31 दिसंबर को लखनपुर टोल पोस्ट पर शाम छह बजे तक 90 लाख रूपए का कर वसूला जा चुका था। उधर, नई अधिसूचना के बारे में जानकारी मिलने के बाद वाहन लखनपुर से पहले ही रूकना शुरू हो गए हैं। लखनपुर के ट्रक यार्ड में भी वाहनों को जमावड़ा लग गया है तो टोल पोस्ट से कुछ एक वाहन ही टोल कटवाते नजर आए।
बता दें कि कठुआ में लखनपुर टोल प्लाजा हटाए जाने के समर्थन में ट्रांसपोर्ट यूनियन, स्थानीय लोग, राजनैतिक दल व सामाजिक संगठनों ने कई बार विरोध प्रदर्शन किया था। उपराज्यपाल के साथ ही केंद्र सरकार से भी लोगों व संगठनों ने इस टोल प्लाजा को खत्म करने की मांग की थी।
इतना ही नहीं ऑल जम्मू-कश्मीर ट्रांसपोर्ट यूनियन के चक्का जाम किया था। जिसका जम्मू संभाग के जिलों में व्यापक असर देखने को मिला था। इस दौरान लखनपुर, हटली मोड़, कालीबड़ी चौक सहित हीरानगर मोड़, दियालाचक और चड़वाल चौक में हाईवे पर यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था।