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जम्मू-कश्मीरः सीआरपीएफ पार्टी पर आतंकी हमला, दो जवान शहीद, तीन घायल

Mon, 05 Oct 2020 02:17 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
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सीआरपीएफ दल पर हमला - फोटो : अमर उजाला
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जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा जिले के पांपोर में सोमवार दोपहर बाद लश्कर ए ताइबा के आतंकियों के हमले में सीआरपीएफ  की रोड ओपेनिंग पार्टी (आरओपी) के दो जवान शहीद हो गए। तीन अन्य जवान घायल हैं। 
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घटना के बाद पूरे इलाके में तलाशी अभियान चलाया गया, लेकिन आतंकियों का सुराग नहीं लगा। आईजी कश्मीर विजय कुमार के अनुसार बाइक सवार लश्कर के आतंकियों ने हमले को अंजाम दिया है। हमलावरों की शिनाख्त हो चुकी है। इसमें एक पाकिस्तानी आतंकी सैफुल्लाह है। जल्द ही इन्हें मार गिराया जाएगा।

पांपोर के कंडिजाल इलाके में आतंकियों ने दोपहर करीब पौने एक बजे सीआरपीएफ  की 110 बटालियन की आरओपी पार्टी पर अंधाधुंध फायरिंग की। जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसके बाद आतंकी भाग निकले। फायरिंग में सीआरपीएफ  के पांच जवान घायल हो गए। 
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गंभीर रूप से घायल दो जवानों को सेना के 92 बेस अस्पताल रेफर किया गया, जिन्होंने दम तोड़ दिया। अन्य तीन का नजदीक के अस्पताल में इलाज चल रहा है, जिनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। शहीद जवानों में मध्य प्रदेश के कांस्टेबल (ड्राईवर) धीरेंद्र त्रिपाठी और उत्तर प्रदेश के कांस्टेबल शैलेंद्र प्रताप सिंह हैं।

  
 

तीसरी घटना को अंजाम दिया

मौके का मुआयना करने के बाद आईजीपी विजय कुमार ने बताया कि एके-47 से लैस बाइक सवार दो आतंकियों ने हमले को अंजाम दिया है। दोनों आतंकी लश्कर के हैं। इनमें से एक पाकिस्तानी आतंकी सैफु ल्लाह है। इन आतंकियों द्वारा 24 सितंबर को चाडूरा में सुरक्षाबलों पर हमले को अंजाम दिया गया जिसमें सीआरपीएफ  के एएसआई शहीद हो गए थे।

इससे पहले इन्हीं आतंकियों ने श्रीनगर के नौगाम इलाके में 21 सितंबर को दूर से सुरक्षाबलों पर फायरिंग की थी। यह इन आतंकियों द्वारा तीसरी घटना है और जल्द हम इन्हें मार गिराएंगे।

हाईवे को लगातार बना रहे निशाना
लगातार नेशनल हाइवे पर आतंकियों द्वारा हमलों को अंजाम दिए जाने पर कहा कि नेशनल हाइवे आतंकियों के निशाने पर है। हाइवे पर काफी सिविलियन गाड़ियां चलती रहती हैं। इसलिए जवानों को जवाबी कार्रवाई करने में दिक्कत होती है। ऐसे हमलों के दौरान जवानों को नागरिकों का ध्यान रखना पड़ता है।

अगर हम भी आतंकियों की तरह अंधाधुंध फायर करेंगे तो नागरिकों को नुकसान हो सकता है। इसलिए संयम से काम लेना पड़ता है। आतंकी गुरिल्ला वार की रणनीति के तहत हथियार छिपाकर नजदीक पहुंचने के बाद हमले को अंजाम देते हैं। हम इसका भी उपाय ढूंढ चुके हैं।
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त्राल में भी किया हमला, नुकसान नहीं

आतंकियों ने सोमवार को ही दोपहर बाद पारिनाड त्राल में एसओजी टीम पर हमला किया। अंधाधुंध फायरिंग का जवानों ने भी जवाब दिया। इसके बाद आतंकी मौके से भाग निकले। आईजी ने बताया कि एसओजी के चार जवान ऑपरेशन के लिए गए थे, तभी आतंकियों ने फायरिंग की।

कुछ देर की फायरिंग के बाद आतंकी भाग निकले। एक और ऑपरेशन लाम सतूरा के इलाके में चल रहा है। जल्द वहां अच्छे नतीजे हाथ लगने की संभावना है।
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