जम्मू कश्मीर स्टूडेंट एसोसिएशन (जेकेएसए) ने मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मानवीय आधार पर दया की मांग करते हुए सात कश्मीरी छात्रों पर यूएपीए के आरोप हटाने का आग्रह किया।
एसोसिएशन के राष्ट्रीय संयोजक नासिर खूहामी ने एक बयान में कहा कि कश्मीर के शेर-ए-कश्मीर कृषि विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में नामांकित सात कश्मीरी छात्रों को भारत की विश्व कप हार का जश्न मनाने के बाद गिरफ्तार किया गया।
उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह और जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल से छात्रों पर यूएपीए के आरोप हटाने का आग्रह किया। यह सजा उनका भविष्य बर्बाद कर सकती है। यूएपीए आरोपों का छात्रों के शैक्षणिक और भविष्य के करियर पर गंभीर परिणाम होगा। उन्होंने कहा कि वे अनुरोध करते हैं कि छात्रों को अपनी पढ़ाई जारी रखने का मौका दें।
एसोसिएशन के राष्ट्रीय प्रवक्ता आदिल भट्ट ने कहा कि ऐसी सूचना मिली है कि आरोपी छात्रों ने अन्य छात्रों के साथ दुर्व्यवहार किया और उन्हें चुप रहने या गोली मारने की चेतावनी दी। हम इस कृत्य एवं व्यवहार की कठोरतम शब्दों में निंदा करते हैं। सभ्य समाज में इस तरह के व्यवहार के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि वे उनके कृत्य को उचित नहीं ठहरा रहे हैं, लेकिन ऐसे आरोपों के परिणामस्वरूप उनका करियर खत्म हो जाएगा।