पारंपरिक शिल्प व लघु उद्यमों के संरक्षण और अधिक से अधिक रोजगार सृजन के लिए एक रेलवे स्टेशन एक उत्पाद योजना के तहत प्रदेश के 12 रेलवे स्टेशनों पर स्थानीय उत्पादों के स्टॉल लगेंगे। हर स्टेशन पर 15 दिनों तक स्टॉल लगेगा।
इससे स्थानीय उत्पादकों को न सिर्फ एक बाजार मिलेगा, बल्कि उनके हस्तशिल्प को नई पहचान भी मिलेगी। 12 स्टेशनों में दो जम्मू संभाग के और 10 कश्मीर संभाग के हैं। उत्तर रेलवे ने इन स्टेशनों पर स्टॉल स्थापित करने के लिए स्थानीय उत्पादकों से आवेदन भी मांगे हैं।
वर्तमान में फिरोजपुर मंडल के पास 500 से अधिक आवेदन आ चुके हैं। योजना के तहत रेलवे स्टेशन पर स्थानीय क्षेत्र में प्रचलित हाथों से बने उत्पाद, लकड़ी के खिलौने, साड़ियां, आदि को जगह मिलेगी। पहले चरण में 8 से 22 फरवरी के बीच स्टॉल लगाए जाएंगे। जबकि, दूसरे चरण में 23 फरवरी से 9 मार्च तक स्टॉल लगेंगे।
इन स्टेशनों पर लगेंगे स्टॉल
योजना के तहत जम्मू, कटड़ा, श्रीनगर, आनंतनाग, बनिहाल, काजीकुंड, सोपोर, बारामुला, आवंतिपोरा, काकापोरा, सादूरा, पंजगाम, पटन, पांपोर और बडगाम रेलवे स्टेशन पर स्टॉल लगाए जाएंगे।
अवसर योजना के तहत हुआ 75 लाख रुपये का कारोबार
जम्मू और श्रीनगर एयरपोर्ट पर अवसर योजना के तहत स्थानीय उत्पादकों को अपने उत्पाद बेचने के लिए स्थान आवंटित किया जाता है। जम्मू और श्रीनगर एयरपोर्ट पर इस योजना के तहत स्थानीय उत्पादकों ने 75 लाख रुपये से ज्यादा का कारोबार किया है।