जम्मू-कश्मीर स्कूल शिक्षा बोर्ड (जेकेबोस) ने एक साथ सामान शैक्षणिक कैलेंडर लागू कर दिया है। इसके तहत 10वीं से 12वीं तक बोर्ड परीक्षाएं और पहली से नौवीं कक्षा तक परीक्षाएं एक साथ मार्च-अप्रैल में होनी हैं। बावजूद इसके प्रदेश सरकार छह माह बाद भी नया चेयरमैन तय नहीं कर पाई है, जबकि चार माह से पद रिक्त है। वहीं, मार्च से बोर्ड सहित अन्य कक्षाओं की परीक्षाएं प्रस्तावित हैं, जोकि बिना चेयरमैन के करवाना चुनौती होगी।
बोर्ड की पूर्व चेयरमैन प्रो. वीणा पंडिता के सेवानिवृत्त होने के चार माह बाद भी नए अधिकारी की तैनाती नहीं हो पाई है। पद को भरने के लिए सरकार ने 25 अप्रैल से आवेदन आमंत्रित कर कमेटी गठित की थी, जिसकी रिपोर्ट अभी तक सार्वजनिक नहीं हुई है। ऐसे में पहली बार बोर्ड एक साथ परीक्षाएं करवाने जा रहा है। बिना चेयरमैन के परीक्षाओं का सफल आयोजन बड़ी चुनौती होगा।
सामान्य प्रशासन विभाग ने जेके बोर्ड के नए चेयरमैन की नियुक्ति के लिए वित्तीय आयुक्त (अतिरिक्त मुख्य सचिव), स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग, उच्च शिक्षा विभाग व स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव के साथ जम्मू और कश्मीर विश्वविद्यालय के कुलपति समिति के सदस्य बनाए गए हैं। 25 अप्रैल से आवेदन मांगे गए थे, लेकिन प्रक्रिया शुरू होने के छह महीने बाद भी बोर्ड को नया चेयरमैन नहीं मिल पाया है।
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चेयरमैन का ये होते हैं काम-
- परीक्षा आयोजन की पूरी प्रक्रिया की निगरानी करना
- परीक्षा आयोजन को लेकर व्यापक रणनीति तैयार करना
- परीक्षा केंद्र, परीक्षा तिथि और परिणाम तिथि की निगरानी करना
- 20 हजार से ऊपर की फंडिंग के लिए चेयरमैन की अनुमति अनिवार्य
बोर्ड के चेयरमैन पद के उम्मीदवारों का साक्षात्कार हो चुका है, जो लंबे समय से रुका था। सरकार को उम्मीदवारों की सूची भेजी है। जल्द जेके बोर्ड को नया चेयरमैन मिलेगा।
-आलोक कुमार, प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा विभाग।
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