जम्मू-कश्मीर में अब पानी के अधिक रिसाव वाली जगहों पर हवाई पट्टी की तर्ज पर मजबूत और टिकाऊ सीमेंट-कंक्रीट की सड़कें बनेंगी। डामर सड़कों की तुलना में कंक्रीट सड़कें अधिक टिकाऊ और अच्छी गुणवत्ता के लिए सड़क एवं भवन निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने जम्मू में सीमेंट व कंक्रीट की दो सड़क परियोजनाओं का काम शुभारंभ करते हुए यह नई पहल शुरू की है।
पीडब्ल्यूडी जम्मू के चीफ इंजीनियर मंजूर हुसैन के अनुसार रेलवे रोड नरवाल में पानी के रिसाव की वजह से डामर की सड़कें जल्दी क्षतिग्रस्त हो जाती थीं। इससे विभाग और वाहन चालकों को भी परेशानी हो रही थी। अब इस रोड पर नई पहल के तहत सीमेंट-कंक्रीट की सड़क परियोजना पर काम शुरू कर दिया गया है।
करीब आठ करोड़ की इस परियोजना से इस क्षेत्र में टिकाऊ सड़क उपलब्ध हो पाएगी। सीमेंट कंक्रीट की सड़क पानी से घिसती नहीं है और यह एक अधिक टिकाऊ और मजबूत विकल्प है। इसके अलावा कंक्रीट की सड़क रखरखाब से लगभग मुक्त रहती है। रेलवे रोड नरवाल के अलावा वेबमॉल (जम्मू) की सड़क को भी सीमेंट-कंक्रीट से बनाया जा रहा है।
उनका कहना है कि सीमेंट-कंक्रीट की सड़क का प्रयोग के सफल होने के बाद प्रदेश के अन्य हिस्सों, यहां पर डामर की सड़कों को जल्द क्षति पहुंचती है, वहां पर भी ऐसी ही सड़कों का निर्माण किया जाएगा। कंक्रीट की सड़कों के निर्माण के लिए मशीनरी की आवश्यकता होती है, जैसे कंक्रीट फर्श मशीन, बैचिंग प्लांट या कंक्रीट मिश्रण आदि से सड़कों का निर्माण किया जाता है।