राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने दारुल उलूम रहीमिया बांदीपोरा मौलाना रहमतुल्ला मीर कासमी को कथित आतंकी फंडिंग मामले में तलब कर पूछताछ की। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार एनआईए जम्मू-कश्मीर में धन जुटाने और क्षेत्र में युवाओं को कट्टरपंथी बनाने के उद्देश्य से गैरकानूनी गतिविधियों के लिए उनका उपयोग करने के मामले की जांच कर रही है।
समन में लिखा है, ऐसा प्रतीत होता है कि आप इस मामले के तथ्यों से परिचित हैं। आपको मामले से संबंधित कुछ सवालों के जवाब देने के उद्देश्य से एनआईए कैंप कार्यालय चर्च लेन सोनवर श्रीनगर में रिपोर्ट करने का निर्देश दिया गया है। इस बीच, सूत्रों ने बताया कि मौलाना कासमी उन्हें जारी किए गए समन को लेकर श्रीनगर स्थित एनआईए कार्यालय पहुंचे थे, जहां उनसे पूछताछ की गई।
रामबन के आतंकी मददगार पर पीएसए बरकरार
आतंकी मददगार रामबन निवासी सज्जाद अहमद पर लगाया गया पीएसए बरकरार रहेगा। सज्जाद ने पीएसए के आदेश को उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी। बुधवार को न्यायाधीश मोहम्मद अकरम चौधरी ने याचिका पर सुनवाई की। दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायाधीश ने कहा कि हमारे संविधान में स्वतंत्रता का हक है।
इसे गलत तरीके से और देशविरोधी गतिविधियों में शामिल होने के लिए लाइसेंस के रूप में नहीं समझा जाना चाहिए। समाज में रहने का अधिकार व्यक्ति की प्रकृति पर आधारित है। यदि उसकी प्रकृृति से समाज को खतरा है तो उसे स्वतंत्र रखना अन्याय है। इस दलीलों के साथ आरोपी पर लगे पीएसए को जारी रखा।