नगर निगम की आय बढ़ाने के लिए प्रस्तावों पर लिए गए फैसले अभी भी ठंडे बस्ते में ही हैं। जनरल हाउस की बैठक 11 को हो रही है। इससे पहले हर बार आय बढ़ाने के प्रस्तावों पर बहस होती है, लेकिन सहमति न बन पाने के कारण सिरे नहीं चढ़ पाते। मौजूदा समय में नगर निगम की आय 16 सौ करोड़ के आसपास पहुंच गई है। तमाम आय पहले से अर्जित स्त्रोतों में इजाफा कर बढ़ाई गई है। अभी तक नगर निगम में किसी भी तरह का नया टैक्स नहीं लग पाया है।
पहले हुए हाउस में भी हाउस टैक्स लगाने पर बहस हुई थी। इसके बाद नगर निगम की सीमा में आने के लिए एंट्री फीस लगाने पर बहस हुई। इसमें पार्षदों की सहमति नहीं बन पाई है। इसके अलावा प्रापर्टी टैक्स समेत अन्य कई टैक्स लगाने पर बहस हो चुकी है।
नगर निगम की आय कम है। इस कारण विकास कार्य सही ढंग से सिरे नहीं चढ़ पा रहे हैं। वार्डों में अभी तक रास्ते, नालियों की सफाई के लिए दस लाख रुपये प्रति वार्ड जारी हुए। इसमें अधिकांश जगहों में रास्तों का हालबेहाल है। नगर निगम को रेहड़ी फीस, टैंकर फीस अन्य स्त्रोतों से आय काफी कम है।
रेहड़ी फड़ी से दस लाख
बिल्डिंग परमिशन 50 लाख
यूजर चार्जर 50 लाख
दुकान रेंट दो करोड़
लाइसेंस फीस छह करोड़
वाटर टैंकर एक करोड़
अन्य फीस 640 करोड़
कुल आय 1600 करोड़ के आसपास
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आय बढ़ाने पर जनरल हाउस की बैठक में लिए फैसलों को लागू किया गया है। जो हाउस में पास होगा, वैसे ही उसे लागू किया जाएगा। आय बढ़ने से विकास कार्य तेज हो रहे हैं।
- अतुल गुप्ता, सचिव, नगर निगम