कठुआ, घगवाल, सांबा और जम्मू में निजी भूमि चिह्नित
सूत्रों के अनुसार जम्मू-कश्मीर में निवेशकों द्वारा 62000 कनाल से अधिक भूमि की मांग की गई है, जिसमें जम्मू संभाग में 34000 से अधिक और कश्मीर संभाग में 27000 से अधिक भूमि मांगी गई है। इसमें 99 हजार करोड़ रुपये से अधिक निवेश के प्रस्ताव हैं।
उद्योग विभाग को जम्मू संभाग में निजी क्षेत्र में 6 से 8 हजार कनाल भूमि मिलने की उम्मीद है। इसमें प्रमुख रूप से कठुआ, घगवाल, सांबा और जम्मू में कई निजी भूमि चिह्नित की गई हैं। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग जम्मू के निदेशक डाॅ. अरुण मन्हास के अनुसार नई निजी औद्योगिक नीति को काफी सरल बनाया गया है। इससे निजी क्षेत्र में उद्योग गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
40 कनाल जमीन वाला कर सकता है आवेदन
जम्मू-कश्मीर निजी औद्योगिक संपदा विकास नीति में गत फरवरी में संशोधन किया गया था, जिसकी अभी गाइडलाइन जारी की जानी है। इस नीति के तहत प्रदेश या देश का कोई भी नागरिक जम्मू-कश्मीर में निजी औद्योगिक क्षेत्र में उद्योग और औद्योगिक संपदा विकसित कर सकता है, बशर्ते उसके पास 40 कनाल (पांच एकड़) या उससे अधिक जमीन होनी चाहिए।
न्यूनतम जमीन में कम से कम 5 इकाइयों के प्रस्ताव हों, जिसमें एक इकाई 50 प्रतिशत जमीन से अधिक नहीं होनी चाहिए। इस नीति में भूमि की खरीद पर स्टांप शुल्क, भूमि उपयोग परिवर्तन शुल्क और भूमि बिक्री विलेख पर पंजीकरण शुल्क की शत प्रतिशत प्रतिपूर्ति का प्रावधान रखा गया है। नीति के तहत 30 दिन के भीतर आवेदन की समीक्षा करके संबंधित मंडलायुक्त के पास भेजा जाएगा, ताकि जमीन संबंधी स्वीकृतियां हासिल हो सकें।