प्रशासन नगरपालिका अधिनियम और नियमों के साथ-साथ परिसीमन में बदलाव पर विचार कर रहा है। आवास एवं शहरी विकास विभाग द्वारा भी राज्य चुनाव आयोग (एसईसी) को नगरपालिका चुनावी प्रक्रियाओं के संचालन के लिए जनादेश के हस्तांतरण का सुझाव दिया है।
जम्मू-कश्मीर में स्थानीय निकाय चुनाव में देरी की संभावना है, क्योंकि प्रशासन नगरपालिका अधिनियम और नियमों के साथ-साथ परिसीमन में बदलाव पर विचार कर रहा है। विधानसभा और संसदीय सीटों के लिए चुनाव आयोग द्वारा किए गए परिसीमन अभ्यास की पृष्ठभूमि में प्रशासन नगरपालिका वार्डों और पंचायत क्षेत्रों के लिए परिसीमन अभ्यास करने जा रहा है।
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आवास एवं शहरी विकास विभाग द्वारा भी राज्य चुनाव आयोग (एसईसी) को नगरपालिका चुनावी प्रक्रियाओं के संचालन के लिए जनादेश के हस्तांतरण का सुझाव दिया है। जम्मू और कश्मीर में मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) को लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा शहरी स्थानीय निकाय (यूएलबी) चुनाव कराने का अधिकार है।
23 सितंबर को जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विकार रसूल वानी ने उप राज्यपाल मनोज सिन्हा को लिखे एक पत्र में एसईसी के तहत यूएलबी चुनाव कराने की मांग की थी। आग्रह किया था कि एक स्वतंत्र राज्य चुनाव आयोग की देखरेख और नियंत्रण में नगर निगमों और अन्य शहरी स्थानीय निकायों के चुनाव समय पर कराएं। जम्मू नगर निगम (जेएमसी) और श्रीनगर नगर निगम (एसएमसी) सहित अधिकांश नगर पालिकाओं का पांच साल का कार्यकाल इस महीने समाप्त हो रहा है।