जम्मू-कश्मीर पुलिस की ओर से जारी की गई तस्वीरें।
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जम्मू-कश्मीर पुलिस ने घाटी में मौजूद टॉप आतंकियों की तस्वारें जारी की हैं। इस साल अब तक आठ मुठभेड़ में 14 आतंकी मार गिराए गए हैं। इनमें सात पाकिस्तानी आतंकी थे, जो यहां दहशत फैलाने के उद्देश्य से आए थे। टेरर मॉड्यूल तथा आतंकियों को मदद पहुंचाने वाले नेटवर्क को भी ध्वस्त किया गया है। लोगों ने पिछले साल काफी राहत की सांस ली है क्योंकि भारी संख्या में आतंकियों को मार गिराया गया। आईजी कश्मीर विजय कुमार ने बताया कि श्रीनगर में एक ही सक्रिय आतंकी रह गया है। वह या तो मारा जाएगा या फिर गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस की ओर से तैयार हिटलिस्ट में शामिल सभी आतंकियों को मार गिया गया है। अब तक मारे गए आतंकियों में जैश-ए-मोहम्मद तथा लश्कर-ए-ताइबा के टॉप कमांडर शामिल थे।
दक्षिण कश्मीर में सुरक्षाबलों को मिल रही सफलता
इस साल की शुरुआत से विशेष तौर पर दक्षिण कश्मीर में सुरक्षाबलों को आतंकियों के खिलाफ अभियान में बड़ी सफलता मिल रही है। इस साल अब तक मारे गए 11 आतंकियों में पांच इसी इलाके में मारे गए हैं।
मजबूत इनपुट से आतंकियों को झटका
आतंकियों के खिलाफ सुरक्षाबलों को मिल रही इस सफलता का कारण लोगों के बीच से आ रहीं खुफियां सूचनाएं हैं। पुष्ट सूचनाओं के कारण सुरक्षाबलों को जबरदस्त सफलता मिली है। हाल ही में आईजी कश्मीर विजय कुमार ने स्वीकार किया था कि मजबूत इनपुट के कारण आतंकियों को काफी नुकसान हुआ है। हमारे पास आने वाली सूचनाओं में 80 फीसदी मानवीय सूचनाएं हैं।
पुंछ में आतंकी गतिविधियां बढ़ीं, दर्जनभर स्थानीय लोग गिरफ्तार
कुछ माह से नियंत्रण रेखा के उस पार मौजूद आतंकी संगठनों के आकाओं ने पुंछ जिले में आतंकी गतिविधियां तेज कर दी हैं। कई युवाओं को अपने साथ मिलाने और स्लीपर सेल सक्रिय करने की कोशिशें की जा रही हैं। इसके चलते पुलिस एवं सुरक्षा बलों ने जिले में एक दर्जन से अधिक लोगों को आतंकियों के लिए काम करने, हथियारों एवं मादक पदार्थों की तस्करी करने के आरोप में दबोच कर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।
आतंकियों की तरफ से इस पार मौजूद अपने साथियों के सहयोग से गत वर्ष जिले में सुरक्षा बलों पर दो सफल हमले करने में भी कामयाबी हासिल की थी। इसमें आतंकियों ने दो जेसीओ सहित सेना के नौ जवानों को शहीद कर दिया था। उन दोनों हमले में हमलावर आतंकी सुरक्षित बच निकलने में सफल रहे थे। इससे आतंकियों के एक बार फिर से इस पार अपने सहयोगियों एवं समर्थकों की संख्या बढ़ाने के प्रमाण मिल रहे हैं।