आतंकी इरफान हुसैन वानी को पूछताछ के लिए ज्वाइंट इंटेरोगेशन सेंटर (जेआईसी) भेजा दिया गया। हालांकि दिल्ली पुलिस इरफान वानी को अपने साथ ले जाना चाह रही थी। वहीं, जम्मू बस स्टैंड से ग्रेनेड सप्लाई होने के कारण पुलिस की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। दूसरी ओर जम्मू में आतंकी स्लीपर सेल की तलाश में पुलिस ने कई जगहों पर छापे मारे हैं। जम्मू से ही ग्रेनेड की सप्लाई दिए जाने के बाद पुलिस और सतर्क हो गई है।
दिल्ली में स्वतंत्रता दिवस समारोह में खलल डालने के लिए आतंकी संगठन अंसार गजवत उल हिंद के आतंकी इरफान हुसैन से रविवार को पकड़ा गया था। इरफान हुसैन से खुफिया एजेंसियां और दिल्ली पुलिस के दो अधिकारी लगातार पूछताछ कर रहे थे। अब इरफान को मीरां साहेब स्थित ज्वाइंट इंटेरोगेशन सेंटर (जेआईसी) भेज दिया गया है।
जेआईसी में अब उससे आतंकी हमलों के ठिकाने और स्लीपर सेल के बारे में पूछताछ की जाएगी। इरफान वानी का मोबाइल पहले से ही पुलिस के पास है। जम्मू में आतंकी स्लीपर सेल की सक्रियता से पुलिस की नींदें उड़ी हैं। पुलिस के लिए अहम सवाल यह है कि ग्रेनेड की सप्लाई उसकी नाक के नीचे जम्मू बस स्टैंड से ही हो गई। बस स्टैंड वही जगह है जहां 14 मई को पुलिस पर ग्रेनेड हमला हुआ था। उसके बाद वहां सतर्कता बढ़ा दी गई थी। मगर समय बीतने के साथ ही वह सतर्कता ढीली पड़ गई। स्वतंत्रता दिवस के बाद पुलिस की चौकसी के बावजूद आतंकी सेंध लगाने में कामयाब रहे।